सोनप्रयाग में आपदा से प्रभावित 15 भवनों को ध्वस्त किया जाना है। इसको लेकर 25 नवंबर को मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने भी प्रभावित भवन स्वामियों से वार्ता की थी। उसमें निर्णय लिया गया था कि भवन स्वामी दस दिन में भवनों में रखा सामान हटा देंगे और प्रशासन उन्हें मुआवजा देगा। इसके बाद ध्वस्तीकरण कार्य शुरू किया जाएगा। लेकिन प्रशासन ने बिना मुआवजा वितरण किए तीन दिसंबर से ध्वस्तीकरण प्रक्रिया शुरू की।
प्रभावित भवन स्वामी योगेंद्र तिवारी, आशीष गैरोला, विचित्र नारायण, नारायण दत्त जमलोकी, अरविंद जमलोकी, कल्पेश्वर गैरोला, हीरा लाल ने बताया कि वार्ता में आश्वासन दिया गया था कि मुआवजा देने के बाद ही भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य शुरू किया जाएगा। भवन स्वामियों ने अपने-अपने भवनों से सामान हटा दिया था, लेकिन प्रशासन ने बिना मुआवजा दिए ध्वस्तीकरण प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रभावितों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रभावितों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है तो ध्वस्तीकरण नहीं होने देंगे।
इधर, जिलाधिकारी डा. राघव लंगर ने बताया कि सभी प्रभावितों के लिए मुआवजे का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। धन प्राप्त होते ही वितरण कर दिया जाएगा।