पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि का प्रशासन स्नातक के इंटरमीडिएट सेमेस्टर (प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों) की ऑनलाइन परीक्षाएं कराने पर अड़ा है, जिससे विद्यार्थी असहज हैं। इसको लेकर इन विद्यार्थियों ने विवि प्रशासन सहित शासन में गुहार लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। अब इन छात्रों के पक्ष में पूर्व सीएम हरीश रावत ने फेसबुक और ट्वीटर पर ऑनलाइन परीक्षाओं का विरोध जताया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 10 अगस्त तक टल गई है।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने फेसबुक पर लिखी पोस्ट और अपने ट्वीट में कहा है कि ऑनलाइन परीक्षाएं, क्या उत्तराखंड के परिवेश में संभव हैं? बड़े बड़े इंस्टीट्यूशन जिसमें पंतनगर विवि भी है, जहां विद्यार्थी मुनस्यारी, उत्तरकाशी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में अपने गांव में हैं। वहां नेट कनेक्टिविटी लगभग शून्य है। यदि विद्यार्थियों के परिजन स्मार्ट फोन और लैपटॉप आदि का प्रबंध भी करें तो वहां इंटरनेट कैसे पहुंचेगा।
हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक रही है, ऐसे में पंतनगर विवि एवं दूसरी संस्थाएं ऑनलाइन परीक्षा की बात कर रहे हैं। क्या उत्तराखंड सरकार इसमें हस्तक्षेप करना चाहेगी? आप ऑन स्पाट छात्र का इम्तहान जाकर ले लीजिए, हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन ऑनलाइन परीक्षा देना बहुत सारे छात्रों के लिए असंभव है।
बता दें कि यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार चतुर्थ वर्ष के छात्रों की परीक्षा कराना अनिवार्य है लेकिन यूजी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के लिए विकल्प है कि कोरोना काल की वर्तमान स्थिति, छात्रों की व्यवस्था, अवश्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए विवि को निर्णय लेना है लेकिन पंतनगर विवि इसका पालन नहीं कर रहा है और छात्रों पर परीक्षा का दबाव बना रहा है।
विद्यार्थियों की ये हैं समस्याएं
पंतनगर। पंतनगर विवि के इंटरमीडिएट सेमेस्टर के कुछ छात्रों ने बताया कि 27 अप्रैल को कुलपति ने कहा था कि ऑनलाइन पेपर किसी भी परिस्थिति में संभव नहीं हैं लेकिन अब विवि प्रशासन माइक्रोसॉफ्ट (सॉफ्टवेयर) की व्यवस्था करके छात्रों पर दबाव डाल रहा है कि वह अपनी कनेक्टिविटी की समस्या स्वयं हल करें, जो वास्तविक रूप में संभव नहीं है। इसके साथ ही इंटरमीडिएट सेमेस्टर में छात्रों की संख्या चतुर्थ वर्ष के छात्रों से चार गुना अधिक है। विवि अब पीडीएफ से परीक्षा करवाने की बात कह रहा है, जिसमें एक घंटे के अंतराल में पेपर पूर्ण करना है।
इसमें 15 मिनट अतिरिक्त देने की बात कही गई है लेकिन इनमें से पांच मिनट छात्र को अपना नाम आईडी आदि लिखने और बाकी के 10 मिनट उत्तर पत्रिका की फोटो खींचकर अपलोड करने के लिए दिए गए हैं। ऐसे में यदि किसी छात्र को उत्तर पत्रिका भेजने में दिक्कत आती है तो वह अपने शिक्षक को फोन के माध्यम से अवगत कराएगा।
इसके बाद ही वह अपनी उत्तर पत्रिका व्हाट्सएप से भेज सकता है। बताया कि विवि में एक ऑनलाइन ग्रीवेंस सेल स्थापित किया गया है, जिसमें विद्यार्थी अपनी समस्या बता सकते हैं लेकिन उसमें भी किसी छात्र की समस्या का जवाब नहीं दिया जाता।
प्रशासन जब स्वयं ऑनलाइन जवाब देने में सक्षम नहीं है तो ऑनलाइन परीक्षाएं कैसे करवा सकता हैं। 22 जुलाई से चल रहे ऑनलाइन परीक्षाओं के मॉक टेस्ट में भी कई दिक्कतें आ रही हैं और अधिकतर मॉक टेस्ट फेल रहे। मॉक टेस्ट में भी वास्तविक पैटर्न का पालन नहीं किया गया और कम प्रश्न भेजकर ऐसा प्रश्नपत्र दिया गया, जो समय से पूर्व ही समाप्त हो सके लेकिन वास्तविक प्रश्नपत्र में अधिक प्रश्न होंगे, जो समय पर पूर्ण नहीं किए जा सकते हैं।
संबंधित विषय प्रशिक्षक की ओर से साझा किया गया लिंक मॉक के दौरान कनेक्टिविटी या खराब सर्वर के कारण कई बार मान्य ही नहीं हुआ। इसके अलावा नेटवर्क संबंधी समस्या, स्क्रीन को रिफ्रेश करने के बाद उत्तर का मिट जाना, फिर दोबारा पूरा प्रश्नपत्र हल करना, समय की कमी, एप का न खुलना, पेपर पूर्ण होने से पूर्व अपने आप जमा हो जाना, प्रत्येक प्रश्न पूर्ण होने पर अपलोड करना, जो समय की अवधि कम करेगा आदि समस्याओं से छात्रों को रूबरू होना पड़ेगा।
आज से ऑनलाइन अंकतालिका अपलोड करें प्रवेशार्थी
पंतनगर। कोरोना संक्रमण के चलते जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय में स्नातक में प्रवेश इस बार 12वीं कक्षा के तीन विषयों के अंकों की मेरिट के आधार पर सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही प्रशासन सितंबर में प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने पर भी मंथन कर रहा है। विवि के प्रवेश अनुभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि जिन अभ्यर्थियों ने 15 जुलाई तक अपने फार्म ऑनलाइन भर दिए थे।
ऐसे अभ्यर्थियों के लिए आज (शनिवार) से अंकपत्र ऑनलाइन अपलोड करने के लिए विंडो खोल दी जाएगी। इसमें अभ्यर्थी अपने कोड से संबंधित अंकों को प्रवेश अनुभाग की ओर से जारी वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं, यह प्रक्रिया 15 अगस्त तक जारी रहेगी। साथ ही जिन अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर प्रवेश नहीं लेना है, ऐसे अभ्यर्थी एक से 15 अगस्त तक अपने ऑनलाइन फार्म भरने की फीस वापस ले सकते हैं।
स्नातक में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों को एक और मौका
पंतनगर। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय ने एक और संशोधन करते हुए उन अभ्यर्थियों को भी छूट दी है, जो विवि के स्नातक स्तर में प्रवेश संबंधी फार्म ऑनलाइन भरने से वंचित रह गए थे। विवि प्रशासन ने ऐसे अभ्यर्थियों के लिए शनिवार से 15 अगस्त तक अपने प्रवेश फार्म ऑनलाइन भरने का मौका दिया है। ऐसे अभ्यर्थी अपने फार्म भरने की सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए अपने 12वीं परीक्षा का उत्तीर्ण अंकपत्र भी साथ ही अपलोड कर सकते हैं। जबकि एमसीए, स्नातकोत्तर और पीएचडी के लिए सितंबर में प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।