रुद्रपुर। खेत में सब्जियों की पहरेदारी कर रहे ग्रामीण के टॉर्च की रोशनी जंगली हाथी पर पड़ी तो वह भड़क गया। गुस्सैल हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर उसे घायल कर दिया। वहीं अस्पताल में घायल ने डॉक्टरों पर सही ढंग से इलाज नहीं करने का आरोप लगाया।
किच्छा के ग्राम धौराडाम निवासी राम अवतार (47) पुत्र रघुलाल ने बटाई पर लिए हुए खेत में सब्जियों उगाई हैं। सब्जियों को जानवरों से बचाने के लिए वह बृहस्पतिवार की रात वह खेत के पास चारपाई लगाकर सो रहा था। देर रात कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनकर राम अवतार की नींद खुली तो उसने नील गाय या सियार समझकर टॉर्च मारी तो वह खेत केे नजदीक मौजूद हाथी पर पड़ गई। इससे भड़के हाथी ने चारपाई पर लेटे राम अवतार पर हमला कर दिया।
हाथी के हमले में चारपाई टूट गई और राम अवतार के पैर में भी चोट आ गई। हाथी के चिंघाड़ने और राम अवतार का शोर सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। लोगों के शोरगुल से हाथी जंगल की ओर भाग गया। आननफानन में घायल राम अवतार को परिजनों ने किच्छा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां से प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
यहां भर्ती राम अवतार ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाने के सात घंटे तक डॉक्टर उन्हें एक कमरे से दूसरे कमरे में जाने को कहते रहे। दोपहर एक बजे उसके पैर में प्लास्टर करने के बाद उसे घर भेज दिया गया।
रेंजर ने हाथी के हमले से घायल का हाल जाना
किच्छा। रेंजर अनिल जोशी ने वन विभाग की टीम के साथ हाथी के हमले से घायल हुए राम अवतार के घर पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पीड़ित को मुआवजा दिलाया जाएगा। बताया कि क्षेत्र में वन कर्मियों की गश्त भी बड़ाई जाएगी। जोशी ने बताया कि हालांकि ग्रामीण दो हाथी देखे जाने की बात कह रहे हैं लेकिन उनके द्वारा की गई जांच में एक ही हाथी होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जंगल में निकलने पर एहतियात बरतें। अपने घरों के बाहर रोशनी रखें। हाथी आने पर पटाखा और आग जलाएं। वहां पर डिप्टी रेंजर मनोज जोशी, फारेस्टर शिव सिंह डांगी, बीट अधिकारी कुलदीप पांडे, दिनेश पंत, आकाश मेहता, खीम सिंह, सतपाल सिंह, मक्खन सिंह, बल्देव सिंह आदि थे। ब्यूरो