रुद्रपुर। पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ की शिकायत के बाद हुई संयुक्त पैमाइश में जगतपुरा से सटे शिमला पिस्तौर में पौने चार एकड़ जमीन सिडकुल की निकलने के बाद उस पर काबिज लोगों को उजड़ने का डर सता रहा है।
कालोनाइजरों ने मिलीभगत से जगतपुरा की रजिस्ट्री में खरीददार को शिमला बहादुर में कब्जा दिया था। इसके चलते सिडकुल की जमीन पर करीब डेढ़ दर्जन घर बने हुए हैं। सिडकुल प्रशासन राजस्व विभाग की विस्तृत रिपोर्ट के बाद पिलर लगाने की कार्रवाई करेगा।
दरअसल पूर्व मंत्री बेहड़ ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जगतपुरा से सटे शिमला बहादुर में सिडकुल की चार एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा और प्लाटिंग की शिकायत की थी। एक सितंबर को सिडकुल और राजस्व विभाग की संयुक्त पैमाइश में पौने चार एकड़ जमीन सिडकुल की निकली थी। इसके बाद टीम ने कच्चे निशान लगाए थे।
कच्चे निशान की जद में 15 से अधिक आवास भी आए थे। इनमें से कई लोगों के पास जमीन के अभिलेख है। बताया जा रहा है कि जिन कालोनाइजर से जमीन खरीदी गई थी, उन्होंने मिलीभगत से कागजों में दर्ज जगतपुरा की जमीन पर शिमला पिस्तौर में कब्जा दिला दिया था। इन लोगों ने खसरा नंबरों पर गौर न कर कालोनाइजर की बताई जमीन पर आवास बना लिए।
पैमाइश में ये आवास सिडकुल की जमीन पर आ रहे हैं और सिडकुल प्रशासन देरसबेर जमीन पर अपना कब्जा लेते हुए हटाने की कार्रवाई करेगा। हालांकि संयुक्त पैमाइश के एक हफ्ते बाद भी सिडकुल प्रशासन जमीन में पिलर नहीं लगा सका है।
संयुक्त पैमाइश के बाद शिमला बहादुर में निकली सिडकुल की जमीन को लेकर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जा चुकी है। राजस्व विभाग से खसरा नंबरों सहित विस्तृत रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद पिलर लगाने की कार्यवाही की जाएगी। जमीन पर जो कब्जा होगा, वहा हटाया जाएगा। - पारितोष वर्मा, आरएम सिडकुल।