रुद्रपुर में कल्याणी नदी में किया गया अतिक्रमण।
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किसी समय शहर के बीचों-बीच कल-कल बहने वाली कल्याणी नदी को धीरे-धीरे कंक्रीट का जंगल निगल गया है। किसी समय खेतों की सिंचाई और लोगों को सूकुन देने वाली यह नदी अब अतिक्रमण से जूझते हुए मानसून में रुद्रपुर के में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर रही है। सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और नगर निगम मिलकर भी इस नदी को अतिक्रमण मुक्त नहीं कर पा रहे हैं।
रुद्रपुर शहर के अनियोजित विकास, अतिक्रमण और ट्रांजिट कैंप बनने के बाद कल्याणी नदी में अब तक सिंचाई विभाग, नगर निगम और राजस्व विभाग मिलकर करीब 900 अतिक्रमणकारी चिन्हित कर चुके हैं। लेकिन विभागों की कार्रवाई सिर्फ नोटिस देने तक ही सीमित रह गई है। जिस कारण कल्याणी नदी में लगातार अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय राजनीति के कारण भी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिसका खामियाजा मानसून में पूरे रुद्रपुर शहर को चुकाना पड़ता है। अतिक्रमण के कारण कल्याणी नदी के संकरी होने के कारण बरसाती पानी को निकलने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। जिस कारण यह बरसाती पानी कल्याणी नदी से उफना कर सैकड़ों घरों में घुस रहा है।
कल्याणी नदी में सिडकुल की फैक्ट्रियों का कैमिकल युक्त पानी बहने व गंदगी के कारण संक्रामक रोगों का भी खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद प्रशासन, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी अतिक्रमण के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।