अगस्त्यमुनि ब्लॉक के दशज्यूला-कांडई के जागतोली में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन जिला प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिले के अंतिम गांव तक विकास की किरण पहुंचे इसके लिए सामूहिक पहल की जरूरत है। जागतोली खेल मैदान को स्टेडियम के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री और खेल मंत्री से वार्ता की जाएगी। इस मौके पर बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक कवियों ने कविताएं प्रस्तुत कीं।
महोत्सव के दूसरे दिन का पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने शुभारंभ किया। उन्होंने जिले को गोट वैली के रूप में विकसित करने की बात कही। विशिष्ट अतिथि केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत ने मेला आयोजन के लिए विधायक निधि से दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने कैबिनेट मंत्री से चंडिका व नैणी देवी मंदिर को तीर्थाटन से जोड़ने और पशुपालन केंद्र जागतोली के उच्चीकरण की मांग की। दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता संजय शर्मा दरमोड़ा ने कहा कि संस्कृति के संरक्षण के लिए सामूहिक पहल होने चाहिए। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य सविता भंडारी, कालिका कांडपाल, जयवर्धन कांडपाल, अमरजीत सिंह कटवाल, उदय सिंह राणा, गुरजीत सिंह, लखपत भंडारी, शकुंतला जगवाण आदि मौजूद थे।
प्रकृति, पर्यावरण पर सुनाई कविता
रुद्रप्रयाग। महोत्सव में कलश संस्था के कवियों ने देश, प्रदेश के वर्तमान हालातों के साथ ही प्रकृति, पर्यावरण, पलायन पर एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाईं। कलश संस्था के संस्थापक ओम प्रकाश सेमवाल ने मखमली घास पर दनकी सौंजड्या तेरा गौं का बाटा लग्यां... कविता के जरिए प्रकृति के अनुपम सौंदर्य को बया किया। वहीं, मुरली दीवान ने जीवन मा पैलि बार यथ्या जाम देखि..., तेजपाल सिंह रावत निर्मोही ने चाहे नौ रात्यूं का दुर्गा का नौ रूप भी होला..., छात्रा माधुरी नेगी ने औ दूं लाटा घौर और दूं तेरा गौं पंडों नाचणा छन... कविता का पाठ किया। वहीं महोत्सव के दूसरे दिन महिला व युवक मंगल दलों की खेल प्रतियोगिताएं हुईं। साथ ही महिला मंगल दल आगर, थपलगांव, ईशाला, वनथापला और बोरा ने ने मांगल गीत के साथ झूमेलो, थड्या, चौंफला और चांछरी लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। संवाद