विकासखंड के सिलगढ़ पट्टी के गांवों में एक सप्ताह से पेयजल संकट बना हुआ है। गांवों के लिए संचालित तैला-सिलगढ़ योजना के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने जलनिगम व जलसंस्थान से योजना की मरम्मत की मांग की है।
लगभग एक दशक पूर्व करोड़ों की लागत से बनी तैला-सिलगढ़ पेयजल योजना क्षेत्र के 18 गांवों की जलापूर्ति नहीं कर पा रही है। बार-बार योजना के क्षतिग्रस्त होने से मुसाढुंग, टाट, कुमड़ी, तैला, चाका, फलाटी, पंद्रोला, शीशो गांव में एक सप्ताह से पेयजल संकट बना हुआ है। सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के महासचिव विक्रम कंडारी, नरेश भट्ट, डीएस जख्वाल, दीपक रावत का कहना है कि अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस है। बताया कि अगस्त 2020 में बांगर क्षेत्र में अतिवृष्टि से पेयजल योजना को काफी नुकसान पहुंचा था, लेकिन योजना की सुरक्षा को लेकर अभी तक कोई इंतजाम नहीं हो पाया है। इधर, जलसंस्थान के ईई संजय सिंह ने बताया कि तैला-सिलगढ़ योजना की सुरक्षा के लिए पुख्ता किए जाएंगे। इसके लिए स्थलीय निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।