रुद्रपुर के एआरटीओ कार्यालय केपास पेड़ में तार से बंधी फ्लेक्सी।
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रुद्रपुर। हाईकोर्ट के मामलों को लेकर विभागीय अधिकारियों की सुस्ती पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं में दाखिल शपथ पत्र और आदेशों के अनुपालन को लेकर प्रमाण पत्र देने के निर्देेश दिए हैं।
रिट में प्रतिशपथ पत्र दाखिल नहीं करने पर भी संबंधित अधिकारी को स्पष्टीकरण देना होगा। डीएम ने मुख्य कोषाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि डीएम कार्यालय में प्रमाण पत्र जमा करने के बाद ही संबंधित अधिकारी का वेतन आहरित हो।
दरअसल पिछले कुछ दिनों में मामलों की सुनवाई में पूर्व में आदेशों का पालन नहीं होने और मामलों को लेकर शपथ पत्र दाखिल नहीं होने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और अवमानना पर कार्रवाई की चेतावनी तक दी थी। पहले डीएम और फिर सीडीओ ने सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, लोक सेवा अभिकरण के आदेशों के अनुपालन और लंबित मामलों में शपथ पत्र दाखिल करने के संबंध में विभागों के कार्यालय अध्यक्षों से प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए थे, ताकि कोर्ट की नाराजगी के बाद की जाने वाली कार्रवाई से बचा जा सके।
लेकिन तय समय में कार्यालयाध्यक्षों की ओर से शपथ पत्र नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई है। उन्होंने रिट जैसे अहम मामलों में सूचना उपलब्ध नहीं कराने को राजकीय कार्यों में उदासीनता करार दी है। उन्होंने सभी कार्यालयाध्यक्षों को 15 दिनों के भीतर इस संबंध में प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने कहा कि यदि कोर्ट से प्राप्त सभी याचिकाओं में प्रतिशपथ पत्र दाखिल किया जा चुका है तो सूचना प्रमाणपत्र सहित दें। यदि रिट में प्रति शपथपत्र दाखिल नहीं किया गया है तो उसका कारण बताते हुए 15 दिन में अवशेष याचिकाओं में शपथ पत्र दाखिल करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में की गई कार्यवाही और अनुपालन नहीं कराने के कारणों का ब्योरा उपलब्ध कराएं।