त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे व आखिरी चरण में अगस्त्यमुनि ब्लाक में मतदान को लेकर उत्साह देखने को मिला है। कई पोलिंग बूथों पर निर्धारित समय के बाद भी देर शाम तक मतदाताओं की लाइन लगी रही।
विकासखंड में 9 ग्राम पंचायत सदस्य, 130 ग्राम प्रधान, 38 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 8 जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिए सभी 207 पोलिंग बूथों पर सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया था। सुबह दस बजे से ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लाइन लग चुकी थी। पहले दो घंटे में मतदान का प्रतिशत 13 फीसदी रहा। इस दौरान महिलाओं का मत प्रतिशत कम था, लेकिन बाद में महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर मतदान किया। वोटिंग को लेकर बूथों पर दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। जीआईसी बसुकेदार के राष्ट्रीय सेवा योजना के 70 छात्र-छात्राओं ने 8 मतदान स्थलों पर जरूरतमंदों को घर से पोलिंग बूथ व पुन: घर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इधर, दिव्यांग सरिता नेगी ने मतदान स्थल मदोला में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्हें परिजनों द्वारा पोलिंग बूथ तक लाया गया। उधर, मतदान स्थल गिंवाला में चार और दुर्गाधार में एक युवती ने पहली बार वोट दिया। क्षेत्र पंचायत सदस्य के एक प्रत्याशी द्वारा कुछ बूथों पर फर्जी मतदान की शिकायत भी जिलाधिकारी से की गई।
गांवों में हों मूलभूत सुविधाएं
रुद्रप्रयाग। दुर्गाधार में 99 वर्षीय संतो देवी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि वे आजादी के बाद से अभी तक हुए त्रिस्तरीय पंचायत, लोस व विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करती आई हैं। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर मूलभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने की बात कही।
200 से अधिक लोगों के नाम गायब
रुद्रप्रयाग। सिल्ला-बमणगांव मतदान स्थल पर वोट देने पहुंचे दो सौ से अधिक मतदाता मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण बैरंग लौटे। स्थानीय झटगड़ तोक निवासी कलम सिंह कठैत व मोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि वे इस वर्ष अप्रैल में लोकसभा चुनाव में मतदान किया था, लेकिन इस बार परिवार सहित उनके नाम गायब हैं। इधर, निर्विरोध निर्वाचित क्षेपं सदस्य सावन नेगी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम नहीं होने से 200 से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए हैं। उन्होंने इसके लिए विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
दिल्ली, देहरादून से पहुंचे वोट देने
रुद्रप्रयाग। गांवों में छोटी सरकार बनाने के लिए दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, गुडगांव, चंडीगढ़ आदि शहरों में नौकरी करने वाले लोग वोट देने के लिए काफी संख्या में पहुंचे। ये सभी वह मतदाता हैं, जिनके नाम अब भी गांवों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। इसके अलावा श्रीनगर, पौड़ी, रुद्रप्रयाग में रहने वाले ग्रामीण वोटर भी पूर्वाह्न 11 बजे तक अपने-अपने गांवों में पहुंच गए थे।
गस्त्यमुनि विकासखंड के एक पोलिंग बूथ पर वोट देने के बाद बुजुर्ग मतदाता को पीठ पर लादकर घर ले जाती ?- फोटो : RUDRAPRYAG