दोपहर बाद स्वयंभू लिंग को चावल, ज्वार व अन्य मोटे पके अनाज से सजाया गया है। बुधवार देर से बृहस्पतिवार सुबह 4 बजे तक श्रद्धालु स्वयंभू लिंग के शृंगार दर्शन कर सकेंगे।
रक्षाबंधन पर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित अन्नकूट मेले के लिए केदारनाथ व विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी को फूल-मालाओं से सजाया गया है। यहां देर शाम पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। केदारनाथ में भतूज (अन्नकूट) मेला को परंपरानुसार मनाया जा रहा है।
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पुजारी टी. गंगाधर लिंग ने बताया कि दोपहर बाद स्वयंभू लिंग को चावल, ज्वार व अन्य मोटे पके अनाज से सजाया गया है। बुधवार देर से बृहस्पतिवार सुबह 4 बजे तक श्रद्धालु स्वयंभू लिंग के शृंगार दर्शन कर सकेंगे। इसके उपरांत स्वयंभू लिंग का शृंगार उतारकर मंदाकिनी नदी में प्रवाहित किया जाएगा।
इधर, विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी में भतूज मेले पर पूजा-अर्चना की गई। युवा व महिला मंगल दलों द्वारा कीर्तन-भजन किया गया। इसके उपरांत मंदिर से नाला होते हुए बाजार तक भगवान शिव-पार्वती और गणेश की भव्य झांकी निकाली गई। ग्यारह गांव रामलीला समिति के संरक्षण सुरेंद्र दत्त नौटियाल व अध्यक्ष मदन सिंह रावत ने बताया कि भतूज मेला में संपूर्ण केदारघाटी के लोग शामिल हो रहे हैं।