नगर पालिका रुद्रप्रयाग, केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रही है। पालिका ने नगर के बीच में बह रहे पुनाड़ गदेरे को डंपिंग जोन बनाया है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पालिका की ओर से गदेरे में गिराए जा रहे मलबे पर रोष जताया और कार्य बंद करने की मांग की।
नया बस अड्डा के समीप पालिका की ओर से रेन बसेरा बनाया गया है। इस दो मंजिला भवन के पीछे इन दिनों सुरक्षा दीवार के निर्माण के साथ ही मलबे की सफाई की जा रही है। पालिका मलबे को अन्यत्र डंप करने के बजाय पुनाड़ गदेरे में उड़ेल रहा है।
चार दिन से मजदूर कई टन मलबा गदेरे में डाल चुके हैं। गदेरे के स्रोत से नगर के लिए जलापूर्ति होती है। वहीं गदेरे में मछलियां भी हैं, लेकिन जिस तरह से पालिका के निर्माणाधीन कार्य का मलबा गदेरे मेें गिर रहा है, आने वाले दिनों में पानी के प्रवाह पर भी असर पड़ सकता है।
गंगा आरती समिति के अध्यक्ष कुंवर सिंह रावत व एसएन सेमवाल सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि पालिका स्वयं ही नगर के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। हल्की बारिश में ही गदेरे का जलस्तर बढ़ जाता है।
ऐसे में डंप किए जा रहे मलबे के कारण सर्दियों की बारिश में खतरा हो सकता है। इधर, पालिका के अधिशासी अधिकारी एमएल शाह ने बताया कि मलबे को गदेरे में नहीं डालने को कहा गया है। अगर, ऐसा हो रहा है, तो उसे बंद कराया जाएगा।