जिले में कम छात्र संख्या के कारण पांच हाईस्कूलों के इंटर कालेजों में विलय पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह सिंह चौधरी ने मामले में मुख्यमंत्री से भेंट की, जिस पर सीएम ने इन विद्यालयों का पूर्व की भांति संचालित करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान विधायक ने विस क्षेत्र की अन्य समस्याओं से भी सीएम को अवगत कराया।
सोमवार को देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भेंट करते हुए विधायक भरत सिंह चौधरी ने राजकीय हाईस्कूल तूना समेत अन्य विद्यालयों के विलय पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने सीएम को विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों की स्थिति और क्षेत्र की भौगोलिक विषमताओं के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा विधायक ने तिलवाड़ा बाजार में ऑल वेदर रोड परियोजना के लिए 24 मीटर के बजाय 12 मीटर भूमि अधिग्रहण के लिए कहा, जिससे व्यापारियों और परिवारों पर व्यापक असर नहीं पड़ें। सीएम ने मौके पर ही डीएम रुद्रप्रयाग को आदेश करते हुए कहा कि जिन-जिन हाईस्कूल केे विलय के लिए चुना गया है, उन्हें पूर्व की भांति संचालित होने दिया जाए। इस संबंध में शीघ्र शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने शिक्षा सचिव मीनाक्षी सुंदरम और शिक्षा निदेशक राकेश कुंवर को भी जल्द शासनादेश जारी करने के लिए कहा।
धरना चौथे दिन भी जारी
रुद्रप्रयाग। राजकीय हाईस्कूल तूना का राजकीय इंटर कालेज ग्वैफड़ में विलय के विरोध में तूना के अभिभावकों का सीईओ कार्यालय परिसर में धरना चौथे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक विलय का आदेश निरस्त नहीं होता वे आंदोलनरत रहेंगे। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष देवेंद्र सिंह झिक्वांण, कांग्रेस महामंत्री शैलेंद्र भारती ने धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया। धरने पर बैठने वालों में हरेंद्र सिंधवाल, विजय सिंह रावत, चैन सिंह रावत, पंकज सिंह, मंगल पंवार आदि थे।