द्वितीय केदार मद्महेश्वर की यात्रा में स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशासन व विकास विभाग योजना बनाने में जुट गया है। यात्रा के मुख्य पड़ाव रांसी व गौंडार गांव में होम स्टे का संचालन करने के साथ ही श्रद्धालुओं को चौलाई व अन्य स्थानीय उत्पादों से से बना प्रसाद वितरित किया जाएगा। प्रसाद बनाने के लिए गांवों में महिला स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
यात्राकाल में स्थानीय उत्पादों को बाजार मिले, इसके लिए पड़ावों बणतोली, कुन्नू, खटरा में दुकानों का संचालन किया जाएगा। यही नहीं अगले वर्ष से द्वितीय केदार मद्महेश्वर की यात्रा में केदारनाथ की तरह श्रद्धालुओं को चौलाई के लड्डू, चूरण, बेलपत्री व मंदिर का प्रतीक चिह्न प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। सीडीओ भरत चंद्र भट्ट का कहना है कि बीते दिनों धाम भ्रमण के दौरान हक-हकूकधारियों से बातचीत कर चौलाई के प्रसाद वितरण समेत होम स्टे संचालन पर चर्चा की गई है।