तृतीय केदार तुंगनाथ देवता की दिवारा यात्रा चुन्नी गांव में अपने भक्तों की कुशलक्षेम पूछते हुए।
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आज से तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की दिवारा यात्रा मद्महेश्वर घाटी के गांवों के भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगी। रात्रि प्रवास के लिए यात्रा फाफंज गांव पहुंचेगी। छह माह की यात्रा के बाद महायज्ञ का आयोजन होगा।
मंगलवार को चुन्नी गांव में पंच पुरोहितों द्वारा भगवान तृतीय केदार की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। आराध्य को भोग लगाकर आरती उतारी गई। इसके बाद भगवान तुंगनाथ ने गांव का भ्रमण करते हुए घर-घर जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछी। इस मौके पर ग्रामीणों व ध्याणियों ने देवता के दर्शन कर उन्हें पगड़ी व ताम्रपात्र भेंट करते हुए अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इसके बाद समस्त ग्रामवासियों ने आराध्य को सामूहिक अर्घ्य लगाया। यहां से विदा लेते हुए तृतीय केदार की डोली रात्रि प्रवास के लिए मंगोली गांव पहुंचे। जहां पर ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं व पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भव्य स्वागत किया। मठापति राम प्रसाद मैठाणी व डोली प्रभारी युद्धवीर पुष्पवाण ने बताया कि देवता ने अपने गूठ गांवों के साथ पंचगाईं गांवों का भ्रमण कर दिया है। अब, मद्महेश्वर घाटी और उसके बाद कालीमठ घाटी के गांवों का भ्रमण किया जाना है। इस मौके पर प्रकाश पुरोहित, युद्धवीर सिंह पुष्पवाण, प्रेम सिंह रावत, विजय सिंह रावत, विनोद रावत, इंद्र सिंह बत्र्वाल, राजेंद्र सिंह रावत, प्रकाश शुक्ला, उमेद शुक्ला, रणवीर पुष्पवाण, भगवान सिंह, बालाजी आदि थे।