ऊखीमठ। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि से प्रभावित व्यावसायियों को समुचित मुआवजा नहीं मिलने से नाराज केदारनाथ मजदूर ट्रेड यूनियन, व्यावसायियों, जनप्रतिनिधियों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसील में धरना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर यथाशीघ्र प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की।
बुधवार को मजदूर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष अवतार सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रभावित व्यावसायियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने नारेबाजी के साथ मुख्य बाजार से तहसील तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसील परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। वक्ताओं ने कहा कि बीते वर्ष 31 जुलाई को केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि से घोड़ा-खच्चर संचालक, दुकानदार, डंडी-कंडी सहित यात्रा से जुड़े अन्य कई लोग व्यापक रूप से प्रभावित हो गए थे।
तब सरकार ने प्रभावितों को राहत राशि के तौर पर 9.8 करोड़ जारी किए थे मगर आज तक सभी प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। बताया कि यात्रा में पंजीकृत 4600 घोड़ा-खच्चर संचालकों में प्रतिव्यक्ति 15000 रुपये मुआवजा देने की बात कही गई थी मगर ऐसा नहीं हो सका है।
साथ ही प्रभावितों की सूची में छंटनी की जा रही है, जिससे कई लोगों में मुआवजा को लेकर संयश बना है। धरना देने वालों में निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवारी, आनंद सिंह रावत, बसंती रावत, प्रेम सिंह, विजय सिंह, रमन, जगत सिंह, प्रकाश सिंह, तारा चंद्र, जगदीश सिंह, सतेंद्र लाल सहित अन्य मौजूद थे।
एसडीएम से मिले लोग, विधायक ने दिया आश्वासन
ऊखीमठ। प्रदर्शनकारियों ने धरना के उपरांत उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला को ज्ञापन सौंपा गया। उप जिलाधिकारी ने बताया कि सभी मानकों का ध्यान रखते हुए सभी प्रभावितों को मुआवजा वितरण किया जा रहा है। वहीं, केदारनाथ विस की विधायक आशा नौटियाल ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि से कुल 5000 लोग प्रभावित हुए थे, जो अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े हुए थे। अभी तक 3443 लोगें को मुआवजा राशि दी जा चुकी है। शेष प्रभावितों से संपर्क किया जा रहा है और बैंकों के माध्यम से उनके खातों सत्यापन कराया जा रहा है, जिससे मुआवजा राशि जमा कराई जा सके। इधर, रामबाड़ा-घिनुरपाणी-गरूणड़चट्टी पुनर्वास संघर्ष समिति के अध्यक्ष संदीप पुष्पवाण ने मुआवजा से वंचित प्रभावितों से शीघ्र अपने बैंक खाता नंबर तहसील को मुहैया कराने को कहा है। संवाद