शांतिपुरी। क्षेत्र में खनन वाहनों से उड़ते धूल के गुबार से स्थानीय जनता परेशान है। बृहस्पतिवार को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शांतिपुरी नंबर दो में रोड पर वाहनों को रोककर करीब तीन घंटे तक जाम लगा दिया। लोगों की वन निगम और पुलिस अधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। बाद में जनप्रतिनिधियों और व्यापार मंडल के साथ अधिकारियों की बैठक में उचित कार्यवाही का आश्वासन मिलने पर मामला शांत हुआ।
शांतिपुरी नंबर दो से गुजरने वाले वाहनों की उड़ती धूल और सड़क पर गड्ढों से हादसों की आशंका से क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। क्षेत्रीय लोग लंबे समय से धूल की समस्या को देखते हुए सड़क पर पानी डालने और गड्ढे भरने की मांग कर रहे हैं लेकिन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को गुस्साए लोगों ने ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्यों व व्यापार मंडल पदाधिकारियों के साथ मार्ग पर जाम लगाकर सरकारी गेट इमलीघाट पर वाहनों को रोक दिया। लोगों ने कहा कि यहां कई वर्षों से खनन का कारोबार हो रहा है। खनन पट्टों से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।
इसके बावजूद सरकार सड़क आदि समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। हंगामा बढ़ने पर वन निगम के डीएलएम वाईके श्रीवास्तव, एसडीएम विवेक प्रकाश, पंतनगर थाना अध्यक्ष अशोक कुमार, दरोगा कैलाश देव फोर्स के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने जाम लगा रहे लोगों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। जनप्रतिनिधियों और व्यापार मंडल के साथ करीब एक घंटे की बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। अधिकारियों ने समस्या का शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद मार्ग से करीब तीन घंटे बाद जाम खुला। वहां बीडीसी सदस्य रीता कोरंगा, हयात कोरंगा, विनोद कोरंगा, राजेंद्र शर्मा, कैलाश जोशी, विशन कोरंगा, ललित कांडपाल, संजू पटवाल, देवी दत्त उपाध्याय, प्रताप दानू, तेजू बिष्ट, जगदीश बिष्ट थे।