रुद्रप्रयाग। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में पिछले दस वर्ष से प्रतिनियुक्ति पर तैनात बीडी सिंह की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस नेता सूरज नेगी ने सवाल उठाया है। आरोप है कि बीडी सिंह ने नियम विरुद्ध नियुक्तियां और खर्चे किए हैं। नेगी ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर जांच की मांग की है।
नेगी कहना है कि 10 वर्ष से बीडी सिंह समिति से जुड़े हुए हैं, जो नियम विरुद्ध हैं। कहा कि एक तरफ धर्मस्व सचिव की ओर से बीडी सिंह के खिलाफ बीते वर्ष 31 दिसंबर को एक जांच कमिश्नर को सौंपी गई। दूसरी ओर, 7 जनवरी 2022 को उनकी प्रतिनियुक्ति बढ़ा दी गई। आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में बिना निविदा आमंत्रित किए प्रतीक चिह्न के नाम पर 20 से 25 लाख रुपये के घड़ियां खरीदी गईं। दिल्ली की कंपनी से 15 लाख रुपये में डॉक्यूमेंट्री बनवाई गई। आरोप है कि वर्ष 2014 में शासन की स्वीकृति के बिना ही समिति में वायरमैन, प्लंबर और वर्ष 2016 में 11 अनुचर को स्थायी किया गया। जबकि शासन ने उन्हें नियत वेतनमान पर नियुक्त किया था। पत्र में कहा गया कि वर्ष 2014 में बिनसर मंदिर, जो मंदिर समिति के अधीनस्थ नहीं था, के जीर्णोद्धार के लिए भी बिना निविदा 10 करोड़ रुपये दिए गए। वहीं, वर्ष 2019 में मंदिर समिति की आपातकालीन बैठक में तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी सदस्यों को लाखों रुपये बांटे गए।
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जो भी कार्य हुए हैं, वह तत्कालीन मंदिर समिति अध्यक्ष गणेश गोदियाल जी एवं कार्य कमेटी के अनुमोदन पर हुए हैं। पूर्व में गोदियाल अध्यक्ष थे और सभी कार्यों के लिए उनका ही निर्देश व अनुमोदन था। - बीडी सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति।
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जो भी आरोप लगा रहा है वह शपथपत्र दाखिल करे और सरकार इस मामले की गहनता से जांच करे। मेरे कार्यकाल में जो भी कार्य हुए सरकार के निर्देशानुसार और बजट के हिसाब से हुए हैं। - गणेश गोदियाल, पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष।