अगस्त्यमुनि ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज मणिपुर के छात्र-छात्राएं इन दिनों बरसाती पानी से लबालब कक्षों में पढ़ने को मजबूर हैं। जर्जर हो चुके स्कूल भवन की छत व दीवारों से बरसाती पानी कमरों में घुस रहा है। वहीं, जखोली ब्लॉक के सिलगढ़ पट्टी के प्राथमिक विद्यालय मुसढुंग में भी बच्चे सीलन से भरे कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं।
बसुकेदार उप तहसील क्षेत्र का राजकीय इंटर कॉलेज मणिपुर का भवन हादसों का सबब बना है। दशकों पूर्व निर्मित भवन की हालत दयनीय हो चुकी है, जिससे इन दिनों बरसाती पानी कमरों में घुस रहा है। मंगलवार को यहां अधिकांश कमरे पानी से भरे थे। छात्र-छात्राओं ने स्कूल पहुंचकर पहले कमरों से पानी साफ किया, उसके बाद पढ़ाई शुरू की।
क्षेत्र पंचायत सदस्य आनंद रौथाण, ग्राम प्रधान सुमान सिंह रौथाण, नवीन मुखमाल, योगेंद्र सिंह नेगी, पूर्व पीटीए अध्यक्ष यशपाल सिंह रावत आदि का कहना है कि विद्यालय में डोभा, डडोली, सोगना, उडी, उत्तर्सू और बष्टा गांव के तीन सौ से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन भवन की स्थिति दयनीय बनी है। इन दिनों बारिश में बच्चों के स्कूल से घर आने तक डर बना रहता है। जखोली ब्लॉक के सिलगढ़ में राजकीय प्राथमिक विद्यालय मुसढुंग की हालत भी दयनीय है। यहां छत टपकने से बरसाती पानी कमरों में एकत्र हो रहा है। विद्यालय में 15 से अधिक छात्र-छात्राएं हैं।
इधर, बच्छणस्यूं के प्राथमिक विद्यालय बैरांगणा, स्यूंणी, मुस्यागांव, सल्या, ठांड-धरसाल, झोषी-किमाणा, संसारी, भैंसारी, सिंगोली, सिरवाणी, सेमी, कुणजेठी-मल्ली, गैठाणा, ढौंडा सहित अन्य कई विद्यालय भवन की स्थिति भी दयनीय बनी है। इधर, मुख्य शिक्षाधिकारी यशवंत सिंह चौधरी ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर जनपद में 41 विद्यालय भवन चिह्नित किए गए हैं, जिनकी स्थिति दयनीय है। इन भवनों का चरणबद्ध ध्वस्तीकरण कर नए भवन बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव निदेशालय को भेजे जा रहे हैं।