शुष्क मौसम के कारण जिले में 25 प्रतिशत से अधिक खेती प्रभावित हो चुकी है।
खेतों से लगातार नमी कम होने से सरसों, गेहूं, जौ की पैदावार पर असर पड़ रहा है।
जनवरी का महीना खत्म होने को है, लेकिन अब तक बारिश नहीं हुई है।
ऐसे में खेती पर भी असर पड़ने लगा है। पट्टी बच्छणस्यूं के ऊंचाई वाले गांवों के अलावा नागपुर तल्ला क्षेत्र, जखोली ब्लाक के सिलगढ़ पट्टी और ऊखीमठ ब्लाक के केदारघाटी के ऊंचाई से लेकर घाटी क्षेत्र के अधिकांश गांवों में फसल खेतों में मुरझा रही है।
कई स्थानों पर तो खेत सूखे पड़े हुए हैं। जिले में इस माह अब तक बारिश की माप शून्य है। जबकि बीते वर्ष जनवरी माह के मध्य तक 25 मिमी से अधिक बारिश हो गई थी।
घरों में उगने वाली साग-भाजी की उपज भी बारिश के अभाव में प्रभावित हो रही है।
मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी का कहना है कि एक सप्ताह में बारिश हो जाती है तो स्थिति काफी हद तक अच्छी हो जाएगी, अन्यथा उत्पादन पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।