एससी/एसटी आयुर्वेदिक फार्मेसिस्ट एवं पंचकर्म संघ ने विज्ञप्तियों में रोस्टर बहाली की मांग को लेकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने सरकार पर प्रशिक्षित युवाओं की उपेक्षा का आरोप भी लगाया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा गया है।
संघ के गिरीश बैरवाण, सुभाष राज, सतपाल बैरवाण आदि का कहना है कि उत्तराखंड सरकार द्वारा फार्मेसिस्ट के 71 पदों के लिए जारी विज्ञप्ति में रोस्टर को हटाया गया है, जिसका संघ पुरजोर विरोध करता है। कहा कि वर्ष 2018 में भी फार्मेसिस्ट के 34 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिसमें एससी/एसटी के लिए एक भी पद नहीं था। दूसरी तरफ उत्तराखंड एससी/एसटी इंप्लाइज फेडरेशन ने भी रोस्टर बहाल करते हुए प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार देने की मांग की है।