रुद्रपुर। एसएसपी का पीआरओ बनकर सवा लाख रुपये ऐंठने के मामले में पुलिस ने बहेड़ी में तैनात शिक्षक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दुष्कर्म के एक आरोपी का मुकदमे से नाम हटाने की एवज में तीनों ने साठगांठ कर एक लाख 25 हजार रुपये ले लिए थे। पुलिस ने कोर्ट में पेशी के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।
पुलिस कार्यालय में शनिवार को एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 31 दिसंबर को क्षेत्र निवासी महिला ने शिकायत की थी कि उसके बेटे कौशल कुमार के खिलाफ एक युवती ने कोतवाली में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया है। इस मामले में कमल कुमार गंगवार उर्फ मनीष निवासी आजादनगर शाहगढ़ बहेड़ी जिला बरेली ने दुष्कर्म के मुकदमे से कौशल का नाम हटाने के एवज में एक लाख 25 हजार रुपये ले लिए।
रुपये लेने के बाद भी केस से उनके बेटे का नाम नहीं हटाया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर बीते शुक्रवार को आरोपी कमल कुमार गंगवार को शक्तिफार्म से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में कमल ने मामले में अपने साले परवेश कुमार निवासी ग्राम उदरा थाना देवरनिया बरेली और उसके साढू़ छोटेलाल निवासी ग्राम गहलुईया थाना मिलक रामपुर हाल निवासी 45बी सुपर सिटी बरेली की लिप्तता बताई थी। छोटेलाल कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मुडिया नबी बख्स बहेड़ी में अंग्रेजी का शिक्षक है।
परवेश ही कौशल से परिचित था और उसने ही रुपये ऐंठने की योजना बनाई थी। इसके बाद परवेश के साढ़ू छोटेलाल ने खुद को एसएसपी का पीआरओ बताकर कौशल के बड़े भाई और मां से बात कर एक दिसंबर को कौशल का नाम हटाने की एवज में 25 हजार रुपये ऐंठे। इसके बाद छह दिसंबर को रुद्रपुर में 40 हजार और सात दिसंबर को देवरनियां बरेली में 60 हजार रुपये लिए गए।
रुपये वसूलने में एसयूवी वाहन (यूपी 25 सीआर 2111) का प्रयोग किया गया था। रुपये वसूलने के बाद फोन और सिम आरोपियों ने तोड़कर बहेड़ी में नाले में फेंक दिया था। एसएसपी ने बताया कि मामले का मास्टरमाइंड कमल है। आरोपियों से वसूली गई राशि में से 50 हजार रुपये और एसयूवी वाहन जब्त किया गया है।
ट्रू-कॉलर में पीआरओ के नाम से फीड किया नंबर
रुद्रपुर। पीआरओ बनकर रुपये ऐंठने के मामले में तीनों आरोपियों ने बहुत शातिराना अंदाज में घटना को अंजाम दिया। महिला को शक न हो इसके लिए मोबाइल नंबर को ट्रू-कॉलर में एसएसपी पीआरओ के नाम से फीड कर दिया गया। इतना ही नहीं पीआरओ के साथ उत्तराखंड पुलिस का लोगो भी लगाया गया था। इससे कॉल करने पर मनीष ने महिला को भरोसा दिलाया कि यह नंबर फर्जी नहीं है।
छोटेलाल उर्फ सीएल गंगवार हुआ दागदार
रुद्रपुर। रुपये ऐंठने के मामले में गिरफ्तार छोटेलाल कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मुडिया नबी बख्स बहेड़ी में अंग्रेजी का शिक्षक है। कागजों में वह छोटेलाल है लेकिन बहेड़ी में उसे सीएल गंगवार के नाम से जानते हैं। जिस शिक्षक के कंधों पर बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी थी, उसी ने रुपये ऐंठकर खुद को दागदार बना दिया।
परवेश के रिश्ते का साढू शिक्षक 50 हजार के लालच में आकर साजिश में शामिल हो गया। बताया जा रहा है कि छोटेलाल ने बहेड़ी में कई लोगों के साथ ठगी की है। वह रुपये ब्याज पर देने का काम भी करता है। उसका बरेली की एक पॉश कॉलोनी में मकान है। आरोपी शिक्षक की पत्नी भी शिक्षिका है।