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किसी भी वक्त चेक हो सकेगा एमडीएम

Thu, 03 Jul 2014 05:32 AM IST
Rudraprayag
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रुद्रप्रयाग। मध्याह्न भोजन पकाने वाले विद्यालयों को भोजन का कुछ अंश स्कूल बंद होने तक बचाकर रखना पडे़गा ताकि स्कूल अवधि में किसी भी समय विभागीय अधिकारी स्कूल में पकाए गए भोजन की सेंपलिंग कर सकें। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में सभी खंड अधिकारियों और सर्व शिक्षा अभियान के ब्लाक समन्वयकों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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यहां बता दे कि अभी तक एमडीएम (मिड-डे-मील) की अलग से सेंपलिंग की व्यवस्था नहीं थी। यदि विद्यालयों में अनुश्रवण के लिए अधिकारी मध्यांतर के बाद पहुंचते थे, तो यह पता नहीं चल पाता था कि एमडीएम में क्या बना था या उसकी गुणवत्ता कैसी थी? कई बार एमडीएम न पकने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन अधिकारियों से भोजन पकाने की बात कह देते हैं।
इन चीजों को रोकने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त रिव्यू मिशन (जेआरएम) ने सुझाव दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने बताया कि जेआरएम ने प्रत्येक विद्यालय में पके भोजन का सैंपल चेकिंग के लिए विद्यालय बंद होने तक रखने के निर्देश दिए हैं। जेआरएम ने ऐगमार्क युक्त खाद्य पदार्थ का उपभोग करने को कहा है। इसके अलावा मीनू के अनुसार भोजन पकाने, हरी पत्तीदार सब्जी खाने, खाने से पूर्व और पश्चात हाथ धुलाने, बागवानी विकसित करने और फूड टेस्ट रजिस्टर बनाने के सुझाव मिले हैं। श्री गुप्ता ने बताया कि 10 से 15 फीसदी सैंपल की जांच खंड स्तर से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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कुकिंग कास्ट भी बढ़ी
रुद्रप्रयाग। इसी माह से एमडीएम की कुकिंग कॉस्ट बढ़ गई है। एमडीएम प्रभारी बीरेंद्र कठैत ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर प्रति छात्र 3.59 रुपये और जूनियर स्तर पर 5.38 रुपये कुकिंग कॉस्ट निर्धारित की गई है। इस तरह कुकिंग कॉस्ट में सात प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
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