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अतिवृष्टि से तोषी गांव में व्यापक नुकसान, दहशत में ग्रामीण

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गुप्तकाशी। केदारघाटी के दूरस्थ तोषी गांव में बृहस्पतिवार रात को अतिवृष्टि ने भारी तबाही मचाई। गांव की तीन पैदल पुलिया, दो घराट, पेयजल लाइन और 100 नाली कृषि भूमि गदेरे के उफान में समा गई। एक गोशाला भी क्षतिग्रस्त हुई है।
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घट गदेरे के किनारे बसे तोषी गांव में बृहस्पतिवार रात 9.30 बजे से तेज बारिश शुरू हो गई थी। तब अधिकांश ग्रामीण सोए हुए थे। रात करीब 11 बजे बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ अतिवृष्टि से गदेरा उफान पर आ गया। इस दौरान कुछ ग्रामीण घरों से बाहर तो निकले तो बाहर का नजारा देख सहम गए। शुक्रवार तड़के देखा तो गदेरे में बनी तीन आरसीसी पुलिया, दो पुराने घराट और पेयजल लाइन नहीं मिली। जबकि प्रसूति गृह और मिलन केंद्र भी क्षतिग्रस्त मिला। एक गोशाला भी टूटी है। गोशाला से एक गाय लापता है। गदेरे के उफान से दूसरी तरफ 100 नाली से अधिक कृषि भूमि नष्ट हो गई है। ग्राम प्रधान शशि देवी, इंद्र सिंह, हिम्मत सिंह, दर्शन सिंह, अजय सिंह, बुद्धि सिंह, जगत सिंह, मदन मोहन, अमर सिंह ने बताया कि कहा कि गदेरे के उफान से भारी नुकसान हुआ है। प्रधान की सूचना पर एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने पटवारी को गांव भेजा है। एसडीएम ने पटवारी के हवाले से बताया कि संपत्तियों का नुकसान हुआ है। सभी ग्रामीण व उनके मवेशी सुरक्षित हैं। रिपोर्ट के आधार पर क्षतिपूर्ति की जाएगी। साथ ही बाढ़ से सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।

छात्रावास भवन की छत ढही, खतरा टला
गुप्तकाशी। तेज बारिश से गुप्तकाशी-जाखधार मोटरमार्ग पर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के पुराने छात्रावास की छत का बड़ा हिस्सा भरभरा कर ढह गया। हादसे से एक घंटे पहले ही छात्र यहां से बाहर निकले थे। भवन में आपदा प्रभावित छात्रों के लिए भोजन बनाने व खाने की व्यवस्था की जाती थी। साथ ही यहां निकट बसे कृष्णानंद देवशाली का आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गया है। शुक्रवार को राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर क्षति का जायजा लिया। विद्यालय के प्रबंधक पृथ्वीधर शुक्ला व प्रधानाचार्य मस्तान सिंह नेगी ने बताया कि छत गिरने से करीब एक घंटा पहले ही छात्र खाना खाकर वहां से निकले थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
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