जिला मुख्यालय में बदरीनाथ राजमार्ग को गौरीकुंड हाईवे से जोड़ने के लिए 902 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण आगामी मई से शुरू होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि की ओर से इन दिनों सुरंग निर्माण के लिए द्वितीय चरण की कार्रवाई गतिमान है। तीन माह में सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी हो जाएगी। सुरंग बनने से जिला मुख्यालय में यातायात सुलभ होने के साथ कई गांवों की राह भी आसान हो जाएगी।
रुद्रप्रयाग में लोनिवि प्रांतीय खंड डिवीजन कार्यालय के समीप जवाड़ी बाईपास से लगे पहाड़ पर सुरंग बनाई जाएगी। सुरंग का दूसरा छोर रुद्रप्रयाग-चोपता-पोखरी मार्ग पर बेलणी में आबादी क्षेत्र से कुछ आगे निकलेगा। सुरंग निर्माण के लिए एनएच की ओर से फॉरेस्ट क्लीरेंस व वन संपदा क्षतिपूर्ति के मुआवजा सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार 225 करोड़ की लागत से बनने वाली सुरंग का निर्माण इस वर्ष मई में होने की उम्मीद है। यह सुरंग जिला मुख्यालय में ऋषिकेश-बदरीनाथ व रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे को जोड़ने का काम करेगी। इसके लिए बेलणी में अलकनंदा नदी पर 90 मीटर लंबा पुल बनाया जाएगा, जिसका सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। योजना के निर्माण से केदारनाथ तिराहा व बेलणी पुल में लगने वाले जाम से जहां हमेशा के लिए निजात मिलेगी, वहीं तल्लानागपुर, धनपुर, रानीगढ़ सहित जखोली के भरदार क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों की कलक्ट्रेट, विकास भवन व तहसील की राह भी आसान हो जाएगी।
बीआरओ ने केंद्र को भेजा था सुरंग का प्रस्ताव
बीआरओ-66 आरसीसी गौचर ने वर्ष 2008-09 में रुद्रप्रयाग में सुरंग निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। वर्ष 2011-12 में सुरंग के सर्वेक्षण की स्वीकृति मिलने के बाद वर्ष 2015-16 में बीआरओ ने तीन चरणों में सर्वेक्षण पूरा किया गया। इस दौरान पहाड़ी की मिट्टी से लेकर चट्टानी क्षेत्र की वैज्ञानिक विधि से जांच की गई। साथ ही पहाड़ी पर भूजल की माप भी की गई। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने के बाद जनवरी 2019 में सुरंग बनाने की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली।
सुरंग निर्माण को लेकर सभी औपचारिकताएं गतिमान हैं। साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। आगामी मई से 902 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- राजवीर सिंह चौहान, सहायक अभियंता एनएच