रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पुनर्निर्माण में मौसम बाधक बन रहा है। बीते तीन दिन में यहां रुक-रुककर कई बार भारी से मध्यम बर्फबारी हो चुकी है, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं। धाम में अब भी साढ़े तीन फीट बर्फ जमी है। ऐसे में कपाट खुलने से पूर्व कार्यों को पूरा करना शासन-प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
बीते वर्ष अक्तूबर से शुरू हुए पुनर्निर्माण कार्यों के तहत मंदाकिनी व सरस्वती नदी के संगम से मंदिर तक 250 मीटर लंबे और करीब 50 फीट चौड़े रास्ते का निर्माण किया गया है। मंदिर परिसर को भी चारों तरफ से 57 से 72 फीट चौड़ा किया गया है। अब यहां धाम में मौजूद बोल्डरों से तैयार किए जा रहे पत्थरों को बिछाया जाना है, लेकिन कछुआ गति से तैयार हो रहे पत्थरों के साथ ही मौसम की मार भी कार्य को प्रभावित कर रही है। धाम में करीब 35 हजार कटवा पत्थर बिछाए जाने हैं, लेकिन अभी तक पांच हजार पत्थर भी तैयार नहीं हो पाए हैं।
इधर, संगम पर चबूतरा का निर्माण भी खराब मौसम के चलते कई बार बाधित हो रहा है। बीते तीन दिन में धाम में चंद घंटे ही काम हुए हैं। वहीं रामबाड़ा से केदारनाथ तक पैदल मार्ग का सुधारीकरण कार्य भी सुस्त गति से हो रहा है। डीएम मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि कार्यदायी संस्था को मजदूरों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी के निर्देश दिए हैं। बताया कि आगामी 20 अप्रैल तक मंदिर मार्ग, चबूतरा और मंदिर परिसर को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।