रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ड्रोन कैमरे की मदद से केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। पुनर्निर्माण कार्यों पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री ने सभी कार्यों में स्थानीय पत्थर के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग सुलभ मार्ग बनाया जाए, ताकि उन्हें आवाजाही में दिक्कत न हो।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर बाद 3.37 बजे से 4.03 के बीच लगभग 18 मिनट तक दो ड्रोन कैमरे की मदद से पीएमओ कार्यालय से केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने एमआई-26 हेलीपैड से मंदिर के पीछे और हिमालय क्षेत्र को भी नजदीक से देखा। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ मंदिर परिसर के चौड़ीकरण सहित मंदिर से संगम तक बन रहे 50 फीट पैदल मार्ग और चबूतरा निर्माण को देखा और ड्रोन कैमरे को आगे-पीछे कराते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव से कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने मंदिर की प्रत्येक दीवार का जायजा लेने के साथ ही पूरी केदारपुरी का भी जायजा लिया। बर्फ में ढकी केदारपुरी को देखते हुए पीएम मोदी कई बार ‘बहुत सुंदर’, ‘वेरी गुड’ कहते भी सुने गए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि धाम में सुरक्षा और सौंदर्यीकरण से जुड़े जो कार्य हो रहे हैं, उनमें स्थानीय पत्थर का उपयोग प्राथमिकता से हो। धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि संगम से मंदिर तक नए पैदल मार्ग पर सीढ़ियां काफी हैं। केदारनाथ ट्रस्ट के गठन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ट्रस्ट बनने से आगामी समय में धाम में पुनर्निर्माण और अन्य कार्य और बेहतर ढंग से हो सकेंगे, साथ ही यात्रा संचालन में बेहतर व्यवस्थाएं जुटाई जा सके। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड सरकार, रुद्रप्रयाग प्रशासन और केदारनाथ में तैनात कार्मिकों और मजदूरों की खूब प्रशंसा करते हुए वहां हो रहे कार्यों के लिए बधाई दी, साथ ही ड्रोन कैमरे से केदारनाथ जी के दर्शन कराने के लिए धन्यवाद प्रकट किया।
28 राज्यों के सीएस ने भी देखे पुनर्निर्माण कार्य
रुद्रप्रयाग। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ देश के अन्य 28 राज्यों के मुख्य सचिवों ने भी अपने-अपने कार्यालयों से केदारनाथ में चल रहे कार्यों को देखा। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि पीएम ने केदारनाथ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हिमालय से जुड़े राज्यों के मुख्य सचिवों को पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लेने को कहा था। ब्यूरो
दोनों नदियों के किनारे से मंदिर तक बनेगा नया मार्ग
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी ने बताया कि संगम से मंदाकिनी व सरस्वती नदी के किनारे से दो नए पैदल मार्ग बनाए जाएंगे, जो मंदिर में मिलेंगे। इन मार्गों को चौड़ा और सुलभ बनाया जाएगा, ताकि व्हील चेयर भी ले जाई जा सके। रास्ते का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है, जिसकी सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। डिजायन फाइनल होने के बाद जल्द निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।
दिनभर कंट्रोल रूम में डटे रहे डीएम
रुद्रप्रयाग। ड्रोन कैमरे से पीएम के केदारनाथ लाइव निरीक्षण को देखते हुए डीएम पूरे दिन कंट्रोल रूम में डटे रहे। धाम में मौजूद कैमरा संचालन टीम के साथ संपर्क रखते हुए उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश देते रहे। पीएम के निरीक्षण के बाद डीएम ने धाम में मौजूद कैमरा संचालक भूपेंद्र नयाल व अन्य को फोन कर बधाई भी दी।