ऊखीमठ। भीरी-परकंडी-मक्कूमठ मार्ग पर परकंडी गांव के समीप सोमवार रात बारातियों की कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार दूल्हे के चाचा समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अगले दिन सुबह खाई से निकालकर सीएचसी अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया गया। सीएचसी के डाक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया था। अब उसे एयर एंबुलेंस से जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मक्कू गांव निवासी दिनेश मैठाणी के पुत्र दीपक की बारात थाला-सटेना गांव गई थी। सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बारात की विदाई हुई। दूल्हा-दुल्हन सहित अन्य सभी बाराती अलग-अलग वाहनों से रात करीब नौ बजे मक्कू गांव पहुंच गए थे। दूल्हे के चाचा योगेश मैठाणी (43) पुत्र स्व. मायाराम मैठाणी अपने जेठू गोपाल भट्ट (41) पुत्र चक्रधर भट्ट, निवासी मणिगुह-भटगांव और अन्य रिश्तेदार सुमित सेमवाल (35) पुत्र योगेश्वर सेमवाल, निवासी आद्रवाणी गुप्तकाशी के साथ अपनी कार से लौट रहे थे। वे रात करीब 9.30 बजे सिरवाधार में पहुंचे ही थे कि तभी कार अनियंत्रित होकर करीब 40 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में योगेश मैठाणी और गोपाल भट्ट की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इन तीनों के रात 10 बजे तक मक्कू नहीं पहुंचने पर परिजन परेशान हो गए। ग्रामीणों की मदद से गांव से 4-5 किमी तक खोजबीन भी की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। मंगलवार सुबह करीब पौने 8 बजे ग्राम पंचायत उथींड के पूर्व प्रधान हर्षवर्धन सेमवाल ने हादसे की जानकारी पुलिस को दी।
एसआई सुरेंद्र गैरोला मय फोर्स मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घायल युवक सुमित सेमवाल को खाई से निकाल कर 108 से सीएचसी अगस्त्यमुनि पहुंचाया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सरोज नैथानी ने बताया कि अब घायल सुमित सेमवाल को हेली एंबुलेंस से देहरादून के जौलीग्रांट स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। ग्रामीण सुबोध मैठाणी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन में सवार तीनों लोग पंजाब के पटियाला शहर से दो दिन पहले ही विवाह में शामिल होने पहुंचे थे।
रात मिलती सूचना तो बच सकती थी जान
ऊखीमठ। परिजनों को वाहन हादसे की सूचना समय पर मिल जाती तो दोनों लोगों की जान बच सकती थी। मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क से वाहन के दोनों तरफ के दरवाजे टूटने से योगेश मैठाणी व गोपाल भट्ट छिटककर बाहर गिर गए। माना जा रहा है कि रातभर खुले आसमान के नीचे पाले की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई, जबकि सुमित सेमवाल वाहन के अंदर रहने से बच गया।