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ग्राम स्तर पर हो महिलाओं को आत्मनिर्भर व सक्षम बनाने के प्रयास

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रुद्रप्रयाग। बेटियों को शिक्षित और करियर चुनने की स्वतंत्रता देंगे तो आने वाले समय में वे स्वयं ही आत्मनिर्भर और आत्मसुरक्षित हो जाएंगी। साथ ही वे समाज का नेतृत्व करने में भी सक्षम होंगी। इसलिए हमें बेटियों के प्रति सजग और सक्रिय होना होगा। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल महाभियान के तहत राजकीय इंटर कालेज कंडारा में आयोजित कार्यक्रम में यह आह्वान किया गया।
जीआईसी कंडारा अगस्त्यमुनि में ‘बालिका शिक्षा और महिलाओं की आर्थिकी’ पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ शिक्षिकाओं व महिलाओं ने दीप प्रज्जवलित कर किया। संगोष्ठी में प्रधानाचार्य पशुपतिनाथ शाह ने कहा कि महिलाओं के सामाजिक विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्राम स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए। गांवों में महिला मंगल दल व युवा मंगल दलों के माध्यम से उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने के लिए सभी को आगे आना होगा। व्यायाम शिक्षक भानु प्रताप सिंह रावत ने कहा कि बिना बेटी के घर, परिवार की कल्पना नहीं की जा सकती है। बेटियां कई रूपों में हमारे समाज के लिए रोल मॉडल हैं। थापा देवी ने गांवों में समूह गठित कर आजीविका बढ़ाने के लिए पहल की बात कही। विद्यालय की छात्राओं ने मां नंदा राजजात की भव्य झांकी निकाली। कक्षा 12वीं की छात्राओं ने कहा कि बेटियों को स्वस्थ माहौल देने के लिए घर से पहल की जरूरत है। कक्षा 10वीं की छात्रा साक्षी ने कविता के जरिए बेटी को प्रकृति का स्वरूप बताया। कार्यक्रम में गांव की महिलाएं भी शामिल हुईं। शिक्षिका उर्मिला चौहान, मीना मलासी, सरस्वती भंडारी, कविता राणा, प्रीति सहित ग्रामीण मनीषा देवी, सुनीता देवी, अनीता देवी, शशि देवी, सरोजनी देवी, विनीता देवी, शांति देवी, विमला देवी, थापा देवी, कुंती देवी सहित विद्यालय के 180 से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
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कोट
अमर उजाला अपराजिता महाभियान जिस दिन से शुरू हुआ है, लोगों में नई सोच भी पनप रही है। हम सभी को अपने घर से ही बेटियों के प्रति सम्मान पैदा करना होगा, जिससे उन्हें समाज में किसी प्रकार की मुश्किल न हो। - कुसुम भट्ट, शिक्षिका जीआईसी कंडारा।

गांवों की खेती महिलाओं पर निर्भर है। महिलाओं को जड़ी-बूटी, फूलोत्पादन सहित अन्य योजनाओं से जोड़ना होगा। ताकि वह स्वरोजगार भी कर सकें। - सुखदेई देवी, महिला समूह अध्यक्ष कंडारा।

सभी अपनी बेटियों को खूब पढ़ाएं। जब, बेटी पढ़ेगी तभी वह आगे बढ़ेगी। अमर उजाला की यह पहल सराहनीय है। इससे दूरस्थ गांवों में भी लोग जागरूक हो रहे हैं। अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन भी गांवों की स्थिति से रूबरू हो रहा है। ऐसे में जन सुविधाओं में सुधार की उम्मीदें बलवती हो रही हैं। - रेखा बिष्ट्र, ग्रामीण ग्राम पंचायत कंडारा।
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बढ़ते शराब के चलन से सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को झेलनी पड़ती है। गांवों में शराबबंदी के लिए ठोस प्रयास होने चाहिए, तभी घरों का माहौल ठीक होगा और बेटियां व महिलाएं आगे बढ़ सकेंगी। - सुमन भट्ट, गृहणी ग्राम पंचायत कंडारा।
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