ऊखीमठ। बांसवाड़ा में हुए हादसे के बाद रेस्क्यू में थानाध्यक्ष ने अहम भूमिका निभाई है। तत्काल घटनास्थल पहुंचकर जहां थानाध्यक्ष ने घायलों को मलबे से निकालकर अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया, वहीं हाईवे खुलवाने के लिए रातभर मौके पर डटे रहे।
प्रत्यक्षदर्शी आशु कंडारी, संग्राम सिंह, विकास सिंह नेगी, पवेंद्र सिंह, महिपाल सिंह ने बताया कि थानाध्यक्ष पंखोली सूचना मिलते ही घटनास्थल की दौड़ पड़े और मलबे में दबे मजदूरों की खोजबीन में जुट गए थे। थानाध्यक्ष ने सितंबर 2017 में पनपतियां ग्लेशियर में फंसे 11 ट्रेकरों को सकुशल वापस लाया था। 14 जून को 23 सदस्यी ट्रेकिंग दल के एक मृतक के शव को हेलीकॉप्टर से गुप्तकाशी पहुंचाने के साथ ही अन्य 22 सदस्यों का रेस्क्यू किया। बीते सितंबर में भी आईआईटी रुड़की के ट्रेकिंग दल की खोज के निर्देश मिलते ही वे रेस्क्यू दल का नेतृत्व करते हुए सबसे पहले वासुकीताल पहुंचे थे। मनणी बुग्याल में पश्चिम बंगाल के फंसे ट्रेकरों को भी पंखोली ने 35 किमी पैदल दुर्गम रास्ते से सकुशल ऊखीमठ पहुंचाया था। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह व सीओ अभय सिंह ने कहा कि पंखोली हर मुश्किल काम के लिए तैयार रहते हैं।