रुद्रप्रयाग। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग बाईपास का निर्माण अप्रैल 2018 तक पूरा हो जाएगा। 3.47 किमी मार्ग का 12 मीटर चौड़ीकरण के साथ हॉटमिक्स किया जाएगा। अलकनंदा पर बने नव निर्मित पुल के दोनों तरफ भरान किया जा रहा है।
चारधाम यात्रा को सरल व सुरक्षित करने के उद्देश्य से ऑल वेदर रोड के तहत ऋषिकेश-बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के चौड़ीकरण के लिए जहां इन दिनों वन विकास निगम पेड़ों का कटान कर रहा है, वहीं रुद्रप्रयाग में इन दोनों हाईवे को जोड़ने वाले 3.470 किमी लंबे बाईपास का चौड़ीकरण कार्य आरजीबी ने शुरू कर दिया है।
15 वर्ष तत्कालीन केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री बीसी खंडूड़ी ने रुद्रप्रयाग बाईपास की मंजूरी दी थी। तब, बीआरओ ने जवाड़ी से जखतोली तक 3.470 किमी बाईपास का निर्माण किया गया। इसे बदरीनाथ व गौरीकुंड हाईवे से लिंक करने के लिए अलकनंदा व मंदाकिनी नदी पर दो पुल स्वीकृत किए गए थेे। मंदाकिनी नदी पर स्थायी पुल का कार्य समय पर पूरा हो गया। लेकिन जून 2013 की आपदा में बाईपास को भारी नुकसान हुआ। यहां स्थायी पुल का ढांचा भी ध्वस्त हो गया था। बाद में बाईपास एवं पुल का काम पूरा किया गया। इन दिनों पुल के दोनों तरफ भरान कार्य किया जा रहा है। आरजीबी के महाप्रबंधक रामजी चौबे का कहना है कि अप्रैल 2018 तक 109 हाईवे में शामिल रुद्रप्रयाग बाईपास को ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत तैयार कर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।