रुद्रप्रयाग। ऑल वेदर रोड निर्माण के तहत रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर बांसवाड़ा में हुए हादसे में पुलिस ने कार्यदायी कंपनी के निदेशक, प्रोजेक्ट मैनेजर, ठेकेदार, सुपरवाइजर और पोकलैंड मशीन के चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है। वहीं पुलिस, एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन ने शनिवार को भी रेस्क्यू अभियान चलाया, जिसमें देर शाम लापता मजदूर का शव बरामद हुआ। हादसे में अब मरने वाले मजदूरों की संख्या आठ हो गई है।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के बांसवाड़ा में शुक्रवार को चट्टान टूटने से ऑल वेदर रोड निर्माण में लगे सात मजदूरों की दबने से मौत हो गई थी। साथ ही तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। काम कर रहे मजदूरों में से एक मजदूर लापता चल रहा था, तो पुसिल, एसडीआरफ व जिला आपदा प्रबंधन ने रेस्क्यू अभियान शनिवार को भी जारी रखा। थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली ने बताया कि रेस्क्यू टीम को देर शाम लापता मजदूर माजिद खान (20) निवासी बगना बरामूला, कश्मीर का शव मिला। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
वहीं हादसे में कार्यदायी संस्था की घोर लापरवाही सामने आई है। बिना सुरक्षा इंतजामों के मजदूरों से काम कराया जा रहा था। नतीजन आठ मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी और तीन अभी भी जिंदगी व मौत के भी जूझ रहे हैं। पूरे प्रकरण की प्रारंभिक जांच से मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत कार्यदायी संस्था आरजीबी कंपनी के निदेशक जीवित राम, सुपरवाइजर संजीत, प्रोजेक्ट मैनेजर जमाल खान, ठेकेदार हुकुम सिंह, पोकलैंड चालक ओमकार के खिलाफ ऊखीमठ थाने में भादंस धारा 304 ए, 337 और 338 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि जिस तरह से दुर्घटना हुई है, उसका मुख्य कारण संस्था व जिम्मेदार लोगों की लापरवाही सामने आई है। सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मजदूरों के बीमा और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी संस्था व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हाईवे बना अति संवेदनशील
रुद्रप्रयाग। हादसे के बाद से बांसवाड़ा में हाईवे अति संवेदनशील बना हुआ है। यहां पर पहाड़ी से जहां मलबा गिरने का भय बना हुआ है। वहीं, कीचड़ और उबड़-खाबड़ सड़क से जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में दोनों तरफ होमगार्ड के जवान तैनात करने की मांग की है, जिससे यातायात को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।