अगस्त्यमुनि। भगवान साणेश्वर महाराज की चौथे चरण की दिवारा यात्रा 14 दिसंबर से शुरू होगी। सिल्ला गांव स्थित आराध्य के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद भगवान दिवारा यात्रा के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए सिल्ला सिंगोड़ गांव पहुंचेगी।
शुक्रवार को प्रात: 9 बजे से मंदिर में पूजा-पाठ शुरू होगा। इस मौके पर नौटियाल व पुरोहित पुजारियों द्वारा भगवान साणेश्वर महाराज का श्रृंगार कर भोग लगाया जाएगा। पूर्वान्ह 11 बजे आराध्य देवता के निषाण को मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकालते हुए परिसर में दर्शनों के लिए रखा जाएगा। इस मौके पर देवता के आह्वान के साथ देव नृत्य होगा। 25 दिवसीय यात्रा में भगवान स्थानीय व बड़मा पट्टी के 30 गांवों का भ्रमण करते हुए अपनी ध्याणियों व भक्तों की कुशलक्षेम पूछेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह रावत ने बताया कि अभी तक तीन चरण की दिवारा यात्रा में भगवान साणेश्वर 90 से अधिक गांवों का भ्रमण कर चुके हैं। अब, चतुर्थ चरण की यात्रा हो रही है, जो 25 दिन की होगी। पुन: देवता अपने मूल स्थान में विराजमान हो जाएंगे। आगामी मई माह में साणेश्वर महाराज के मंदिर में 27 दिवसीय भव्य अनुष्ठान होगा, जिसमें समस्त क्षेत्र की ध्याणियां आमंत्रित की जाएगी। इस दौरान प्रतिदिन यज्ञ-हवन होगा व देव नृत्य होगा।