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पारंपरिक रीति-रीवाज, मांगल, लोकगीत को बनाएंगे स्वरोजगार का जरिया

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रुद्रप्रयाग। अमर उजाला अपराजिता महाभियान के तहत जखोली ब्लाक के त्यूंखर गांव में रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग महिला जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान पहल रंगमंच की ओर से बेटी की महत्ता पर किए नाटक ‘बेटी बचेगी तो दुनिया बढ़ेगी’ ने हर दर्शक को झकझोर कर रख दिया। पात्रों ने बेटी के जन्म से लेकर उसके विवाह और समाज के विकास में उसके योगदान को बताया। बताया गया कि दुनिया तभी बढ़ेगी, जब बेटियां जीवित रहेंगी। नाटक के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अंतरिक्ष वैज्ञानिक कल्पना चावला, सहित अन्य महिलाओं का जिक्र भी किया गया, जिन्होंने देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
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अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल महाभियान के तहत महिलाओं को पारंपरिक मांगल, लोक गीत, लोकनृत्य को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। नागराजा सौड़ में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए ग्राम प्रधान विक्रम लाल ने कहा कि बेहतर समाज निर्माण के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। इसके लिए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। कहा, कि अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम गांवों में बेटियों व महिलाओं को आगे लाने में मील का पत्थर साबित होगा। सामाजिक कार्यकर्ता रामरतन पंवार ने कहा कि 21वीं सदी में महिला समाज मूलभूत जरूरतों से वंचित हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम इस महाभियान से जुड़कर उन्हें सशक्त व सक्षम बनाने में भागीदार बनें। इस मौके पर सीता देवी, सुनीता राणा, पूजा देवी, दीपा देवी, हयात सिंह बुटोला, महावीर सिंह बुटोला, अनीता देवी, विमला कैंतुरा, राजेश्वरी पंवार, मीना पंवार, गोविंद सिंह पंवार, उमेद सिंह, मकान सिंह पंवार, नेत्र सिंह पंवार, साहब सिंह पंवार सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।

छह बेटियों का पहल रंगमंच
रुद्रप्रयाग। चिरबटिया गांव की पूनम कैंतुरा, किरन कैंतुरा व मनीषा कैंतुरा सहित त्यूंखर व थापली की अंजू राणा, अंजनी राणा और पूजा सजवाण ने जखोली ब्लाक ही नहीं, पूरे जनपद में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। स्नातक व परास्नातक की इन छात्राओं ने दो वर्ष पूर्व पहल नाम से रंगमंच का गठन किया था, जो आज शराबबंदी, महिला शिक्षा व स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अहम विषयों पर नाटक कर मंचन कर लोगों को जागरूक कर रही हैं।
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इनका कहना है --
हमारा उद्देश्य गांव की बेटियों व महिलाओं को आगे लाना हैं। इसी उद्देश्य से हम नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। अमर उजाला का अपराजिता महाभियान हमारे प्रयास को आमजन तक पहुंचाने में मददगार साबित होगा।
-- पूनम कैंतुरा, सदस्य पहल रंगमंच, जखोली

महिलाओं के जागरूक होने से समाज को नई दिशा मिलेगी। उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर सरकारी व गैर सरकारी योजनाओं की जानकारी रखनी चाहिए। तभी वे, आत्मनिर्भर व आत्मसुरक्षित हो सकती हैं।
--रघुवीर सिंह, सदस्य जनहित ग्राम कृषक समिति आगर गांव

गांवों की बेटियों व महिलाओं को आगे लाने में पुरुष समाज को भी भी सक्रिय होना पड़ेगा। मातृशक्ति के सामाजिक व आर्थिक विकास से कई घरों की आजीविका को बल मिलेगा साथ ही कई प्रतिभाएं आगे बढ़ेगी। अमर उजाला अपराजिता के जरिए यह संभव हो सकता है।
-- गंभीर सिंह, सदस्य परिवर्तन समिति ग्राम पंचायत क्यूंजा

महिलाओं के शैक्षिक व सामाजिक विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। गांवों में रहकर उनकी आर्थिकी को कैसे बढ़ाया जाए, इस पर ठोस नीति बननी चाहिए। समय-समय पर जागरूकता अभियान भी संचालित किए जाए।
-- सीता देवी, ग्रामीण त्यूंखर, जखोली

गांवों में बेटियों व महिलाओं की शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जाना चाहिए। यहां कार्यक्रम में शामिल होकर बहुत कुछ सीखने को मिला। अमर उजाला का यह प्रयास लोव्गों में नई सोच पैदा करने में सहायक होगा।
--- दीपा देवी, ग्रामीण त्यूंखर, जखोली

गांवों में महिलाओं को खेतीबाड़ी, फलोत्पादन, पशुपालन, सागभाजी, जड़ी-बूटी उत्पादन के साथ-साथ पारंपरिक रीति-रीवाजों से जोड़कर आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाया जा सकता है। गांवों में महिलाओं व बेटियों में प्रतिभा की कमी नहीं हैं। उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहित करने की जरूरत हैं, जोकि अपराजिता जैसे महाभियान के जरिए किया जा सकता है।
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-- प्रकाश सिंह, प्रभारी रिलायंस फाउंडेशन
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