रुद्रप्रयाग। जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र पोषित व वाह्य सहायतित योजनाओं में मिल रहे बजट के बावजूद विभाग पूरा खर्च नहीं कर पा रहे हैं, जिससे जिले के विकास को गति नहीं मिल पा रही है। जिलाधिकारी ने अवमुक्त के सापेक्ष परिव्यय कम होने पर नाराजगी जताते हुए माह के अंत तक लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए हैं।
वित्तीय प्रगति प्रतिवेदन की बैठक में विभागों की समीक्षा की। कहा कि पर्याप्त बजट के बावजूद योजनाओं पर खर्च नहीं हो रहा है, जिससे कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिला योजना में वन विभाग को मिले 11 लाख रुपये में 4 लाख रुपये खर्च नहीं करने पर अर्थ एवं संख्याधिकारी को मामले की जानकारी लेने के निर्देश दिए। कहा कि विभागों को जिला व राज्य योजना सहित केंद्र पोषित व वाह्य सहायतित योजनाओं के लिए पर्याप्त बजट मिला है। बावजूद मासिक लक्ष्य प्राप्त नहीं हो पा रहा है। सीडीओ डीआर जोशी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिला सेक्टर में 2413.98 अनुमोदित परिव्यय था, जिसके सापेक्ष शासन से 1169.58 लाख रुपये अमुक्त किए गए हैं। लेकिन विभागों द्वारा 285.50 लाख का उपयोग किया गया है। राज्य सेक्टर में 4928.67 लाख के सापेक्ष शासन से 1860.74 लाख मिले। लेकिन विभाग 1220.74 लाख खर्च कर पाए। केंद्र पोषित योजनाओं के लिए 9945.78 लाख के सापेक्ष शासन से मिले 5523.97 लाख में विभागों द्वारा 4798.78 लाख और वाह्य सहायतित सेक्टर में 36.89 लाख के सापेक्ष मिले 6.89 लाख में मात्र 3.65 लाख रुपये का ही उपयोग कर सके। बीस सूत्री कार्यक्रमों में जनपद की प्रगति धीमी है। बैठक में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यान, लोनिवि आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।