रुद्रप्रयाग। इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट (आईएचआरडी) नई दिल्ली की ओर से आयोजित गोष्ठी में उत्तराखंड मानव विकास सूचकांक तैयार करने पर चर्चा की गई। इस मौके पर अधिकारियों व विशेषज्ञों ने अपने सुझाव दिए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि निश्चित समय में उपलब्ध संसाधनों से लक्ष्य प्राप्ति करना ही बेहतर नियोजन है, लेकिन इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। जनपद में मशरूम, चाय, इलायची, हस्तशिल्प सहित जड़ी-बूटी के क्षेत्र में कार्य कर आर्थिकी मजबूत करने के ढेरों विकल्प हैं, लेकिन चिकित्सा, शिक्षा, बेरोजगारी एवं पलायन से हम अन्य राज्यों की तुलना में पीछे छूट गए हैं। इसे चुनौती के रुप में लेकर आगे बढ़ना होगा। मानव संसाधन विकास संस्थान नई दिल्ली से आए विशेषज्ञ डा. बलवंत मेहता ने कहा कि राज्य की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट तैयार करने में यहां की विशेषताओं, भावी अवसरों की स्थिति, संभावनाएं, चुनौतियां एवं सुझावों के साथ ही आजीविका संसाधन, रोजगार व रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं का जीवन, ध्वज वाहन कार्यक्रम, पर्यटन, उद्योग, पशुपालन में रोजगार आदि विषयों को शामिल किया जा रहा है। इन क्षेत्रों के आधार पर विकास का आकलन किया जाएगा। कहा कि पहाड़ में चकबंदी, परिवहन बाजार की अनुपलब्धता, जंगली जानवरों का आतंक बड़ी समस्या है। उन्होंने चकबंदी की पैरवी करते हुए कहा कि इससे पलायन पर काफी हद तक रोक लगेगी। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत सिंह भंडार,ी उप निदेशक चित्रा, अर्थ एवं संख्याधिकारी राकेश कुमार, एसीएमओ डा. ओपी आर्य आदि अधिकारी मौजूद थे।