जखोली। विकासखंड के लस्या पट्टी के बजीरा, ममणी, त्यूंखर, पालाकुराली, धनकुराली, दुगड्डा सहित 12 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला जखोली-बजीरा-ममणी मोटर मार्ग बरसात के बाद से नहीं खुल पाया है। पुस्ता ध्वस्त होने और जगह-जगह मलबा जमा होने से वाहनों की आवाजाही ठप है, जिस कारण क्षेत्रीय जनता को 15 से 20 किमी अतिरिक्त सफर तय कर जखोली पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन व विभाग से जल्द मार्ग सुधारीकरण की मांग की है।
बरसात सीजन में जुलाई में मोटरमार्ग पर बजीरा गांव के समीप काफी बड़े हिस्से में भूस्खलन हो गया था, जिससे 35 मीटर से अधिक सड़क ध्वस्त हो गई। यहां पर बमुश्किल डेढ़ फीट चौड़ी सड़क बची है, जिससे सिर्फ पैदल आवाजाही हो रही है। यहां टैक्सी/मैक्सी सहित बड़े वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। ग्राम प्रधान संगठन के ब्लाक अध्यक्ष महावीर पंवार, व्यापार संघ अध्यक्ष डा. हर्षवर्धन नैथानी, बीएस राणा आदि ने बताया कि क्षतिग्रस्त मार्ग के बारे में बीते तीन तहसील दिवस में मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। बावजूद स्थिति नहीं सुधरी । उन्होंने जल्द मार्ग का सुधार नहीं होने पर विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। इधर, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने बताया कि बरसात में डिवीजन की 20 से अधिक सड़कें प्रभावित हुई थी। सुधारीकरण के लिए चार करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन अभी मात्र 20 लाख रुपये मिले हैं, जिससे मार्गो की मरम्मत नहीं हो पा रही है।