रुद्रपुर। नई दिल्ली की अनाज मंडी में गत रविवार को अग्निकांड में 43 लोगों की मौत की घटना के बाद भी ऊधमसिंह नगर का जिला प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। जिले में आज कई होटल, बैंक्वेट हॉल, कोचिंग सेंटर और विद्यालयों में आग से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्र और अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। सिर्फ रुद्रपुर में फायर बिग्रेड की एनओसी के बगैर 40 संचालित चल रहे हैं।
जिले में 792 राजकीय प्राथमिक विद्यालय, 202 जूनियर हाईस्कूल और 125 हाईस्कूल व इंटर कॉलेज हैं। साथ ही सैकड़ों निजी विद्यालय और कोचिंग सेंटर हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर विद्यालयों व कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन यंत्रों व अन्य मानकों का अनुपालन नहीं हो रहा है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन गंभीर नहीं नजर आ रहा। कई राजकीय विद्यालयों के भवन जर्जर हैं और कभी भी हादसा हो सकता है। विद्यालय भवन भूकंपरोधी भी नहीं हैं। विद्यालयों में सीसीटीवी तक नहीं हैं।
इधर, सीएफओ वंश बहादुर यादव ने कहा कि कोचिंग सेंटरों, होटलों और स्कूलों को अग्निशमन मानकों की जांच के लिए सभी प्रभारियों को पत्र लिखा है, जिन प्रतिष्ठानों में विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिल रहा है, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है।
होटलों व बैंक्वेट हॉल में नहीं मिले आपातकालीन गेट
रुद्रपुर। मानकों का पालन नहीं कर रहे होटलों, बैंक्वेट हॉल और कोचिंग सेंटरों के खिलाफ बुधवार को फायर ब्रिगेड की टीम ने रुद्रपुर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कई होटलों और बैंक्वेट हॉल में अग्निशमन यंत्र व अन्य सुविधाएं नहीं मिलीं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव के निर्देश पर टीम ने आवास विकास, काशीपुर बाईपास स्थित कई होटलों की चेकिंग की। इस दौरान कुछ होटलों में आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशमन उपकरण व सेट बैक नहीं मिले। होटल स्वामियों में अफरातफरी रही। टीम ने होटल, बैंक्वेट हॉल स्वामियों को चिह्नित कर अग्निशमन यंत्रों के साथ ही अन्य मानक पूरे करने को कहा। टीम बृहस्पतिवार को होटलों और बैंक्वेटहॉल स्वामियों को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। टीम में प्रभारी अग्निशमन अधिकारी चंद्रपक्राश, विमल सिंह, सुरेश आदि रहे। ब्यूरो
जिले में अधिकतर विद्यालय भवनों के पुराने होने के कारण भूकंपरोधी तकनीक का इस्तेमाल नहीं हो सका है। नए भवन भुकंपरोधी बनाए जा रहे हैं। सभी राजकीय व निजी विद्यालयों को नोटिस जारी कर मानकों का अनुपालन करने को कहा है। यदि किसी विद्यालय के जर्जर कक्ष के गिरने से हादसा होता है इसकी जवाबदेही संस्थाध्यक्ष की होगी। जिले के 100 राजकीय विद्यालयों में जल्द सीसीटीवी लगाये जा रहे हैं।
- आरसी आर्य, सीईओ, ऊधमसिंह नगर