ऊखीमठ। पलद्वाड़ी-डुंगर-सेमला मोटर पर खटोली घट पर 36 मीटर स्पान का स्टील गार्डर पुल बनकर तैयार हो गया है। पुल के दोनों तरफ के एप्रोच पुश्तों का भरान भी कर दिया गया है। कार्यदायी कंपनी ने ट्रायल के तौर पर पुल से वाहनों का संचालन भी किया है, जो सफल रहा है। इस पुल के बनने से अब ग्रामीणों की तहसील मुख्यालय से दूरी भी कम हो गई है। पुल निर्माण की लेटलतीफी को लेकर अमर उजाला भी लगातार इस संबंध में खबरें प्रकाशित कर रहा था।
वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत परकंडी के डुंगर, सेमला, पलद्वाड़ी, उथींड, पेलिंग, मक्कूमठ, भींगी, चौंडा, गरवाली आदि गांवों को ब्लॉक मुख्यालय ऊखीमठ से जोड़ने के लिए 9.1 किमी पठालीधार-पलद्वाड़ी-डुंगर-सेमला मोटर मार्ग का निर्माण शुरू किया गया था। इस मार्ग पर खटोली घट में 36 मीटर स्पान का मोटर पुल भी प्रस्तावित था।
सड़क और पुल का कार्य 2021 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। पीएमजीएवाई ने तय समय में सड़क तो बना दी थी, लेकिन मोटर पुल का निर्माण करने वाली ब्रिज एंड रूफ कंपनी काफी सुस्त रफ्तार से काम कर रही थी। ऐसे में दो साल में पूरा होने वाला काम पांच साल में पूरा हुआ।
पुल नहीं होने से ग्रामीण डुंगर, सेमला, परकंडी, मक्कूमठ आदि गांव के ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय ऊखीमठ तक पहुंचने के लिए 25 किमी की दूसरी तय करनी पड़ रही थी। लेकिन अब पुल बन जाने के बाद यह दूरी सिर्फ 9.1 किमी रह जाएगी। निवर्तमान ग्राम प्रधान शांता देवी, प्रर्मिला देवी, वन पंचायत सरपंच देवेंद्र सिंह रावत, अरविंद रावत का कहना है कि पुल का कार्य पूरा होने से ग्रामीणों का इंतजार खत्म हो चुका है।
अमर उजाला ने लगातार उठाया मुद्दा
जुलाई में बरसात में खटोली घट में पैदल पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिस कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण आधे-अधूरे मोटर पुल से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे थे। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद लगातार पुल निर्माण के लटके काम और पैदल पुलिया की बदहाली पर अभियान चलाते हुए 14 अगस्त, 9 अक्तूबर, 4 दिसंबर, 19 जनवरी को खबरें प्रकाशित कीं। जिसे संज्ञान में लेकर शासन व विधायक ने कार्यदायी संस्था को जरूरी निर्देश। अब, मोटर पुल बनकर तैयार हो गया है, जिससे कई गांवों की राह भी आसान हो गई है।