उत्तराखंड क्रांतिदल की बैठक में कार्यकर्ताओं से अनुशासन के साथ ही दल हित में कार्य करने का आह्वान किया गया। इस मौके पर संगठन मजबूती, देवस्थानम बोर्ड को भंग करने समेत 27 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। बैठक में मिशन 2022 फतह का संकल्प भी लिया गया।
दो दिवसीय बैठक के आखिरी दिन उक्रांद ने अनुशासन, दल की आर्थिक स्थिति और भावी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि सभी को निजी स्वार्थ भुलाकर एकजुट होकर दल हित में कार्य करना होगा। सुझाव दिए कि जनता से संवाद कर मातृ व युवा शक्ति के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करना होगा। बैठक में क्षेत्रीय संगठनों को दल से जोड़ने के लिए कमेटी का गठन करने, प्रवासी व होटल रोजगार को बढ़ावा देने, पदोन्नति में आरक्षण खत्म करने, पुरानी पेंशन बहाली, दल का ट्रेड यूनियन का गठन, भ्रष्टाचार का आरोप लगे मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग, उद्योगों व गैर सरकारी संस्थाओं में स्थानीय युवाओं को 80 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, उत्तराखंड में धारा 371 लागू करने, दिग्धार में सैनिक स्कूल का निर्माण, देवस्थानम बोर्ड को भंग करने समेत 27 प्रस्ताव सर्वसम्मति से एक स्वर में पारित किए गए। बैठक में पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार, कार्यकारी अध्यक्ष आनंद प्रकाश जुयाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लताफत हुसैन, बीएन डालाकोटी, गिरीश शाह, रणजीत सिंह गड़ाकोटी, एसपी भट्ट, किशन सिंह रावत, बिष्णुपाल सिंह रावत, देवेंद्र चमोली किशोरीनंदन डोभाल, जय प्रकाश उपाध्याय आदि थे। इस दौरान दल के वरिष्ठ नेता गंगाधर सेमवाल, सतीश सेमवाल, दर्शन सिंह बिष्ट, लक्ष्मण सिंह राणा के निधन पर शोक जताया।