रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के पाटियूं गांव निवासी नीमा नेगी केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में जेसीबी का संचालन कर रही हैं। किसी मशीन का संचालन करने वाली वह जिले में पहली लड़की है। उनके साथ ही अन्य 12 बेटियां भी धाम में हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों में निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) के कारीगरों का हाथ बटा रही हैं।
यूथ फाउंडेशन के कैंप से सेना भर्ती का प्रशिक्षण ले चुकी ये बेटियां विषम भौगोलिक परिस्थितियों में 8 से 10 घंटे तक कार्य कर रही हैं। बीए तृतीय वर्ष में पढ़ने वाली नीमा नेगी (20) कहती हैं कि 18 जुलाई को केदारनाथ पहुंचने के कुछ दिन बाद ही जेसीबी चलानी शुरू कर दी थी। पांच दिनों से पुनर्निर्माण के सभी कार्यों को मशीन की मदद से पूरा किया जा रहा है। वह कहती हैं कि पहले कभी जेसीबी में बैठी तक नहीं, लेकिन अब उसे चला रही हूं। ललक और हौसला हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। उत्तरकाशी की गंगा राणा व वंदना रावत के साथ रुद्रप्रयाग की गुंजन, कंचन, ममता, किरन, शालिनी, रचना, पूजा, वंदना, अमृता सुरक्षा दीवार के गार्डरों की पेंटिंग सहित स्टोर कीपर और मास्टर स्टोर होल्डर की भूमिका निभा रहीं हैं। ये सभी बेटियां आने वाले कल में भारतीय सेना का हिस्सा बनना चाहती हैं। टिहरी गढ़वाल की विनिता पंवार केदारनाथ में स्टोन कटर चला रही है। अब वह मंदिर परिसर, मंदिर मार्ग और चबूतरे के लिए कटवा पत्थरों को तैयार करेगी।
कोट
यूथ फाउंडेशन से सेना भर्ती प्रशिक्षण ले चुकी बेटियों की प्रतिभा को निखारने व विषम परिस्थितियों में कैसे अपने को तैयार रखना है, इसलिए उन्हें केदारनाथ भेजा गया है। ये सब पहाड़ और उत्तराखंड का गौरव है। वह, अपने हुनर और हौसले से नई मिसाल पेश करेंगी। - कर्नल अजय कोठियाल, प्राचार्य निम/संस्थापक यूथ फाउंडेशन।