रुद्रप्रयाग। भाकपा (माले) ने अगस्त्यमुनि की घटना के लिए शासन, प्रशासन और पुलिस को जिम्मेदार बताया है। कहा कि कुछ लोगों द्वारा योजना के साथ इस घटना को अंजाम दिया गया, लेकिन सरकारी तंत्र कार्रवाई के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
पत्रकार वार्ता में भापका (माले) के गढ़ कमेटी सचिव अतुल सती, केपी चंदोला और एमएम चमोली ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल/संगठन समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ अब उत्तराखंड में भी यह जहर घोला जा रहा है, जिसका परिणाम 6 अप्रैल को अगस्त्यमुनि में देखने को मिला है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरी जानकारी के बाद भी पुलिस मूकदर्शक बनी रही। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई देर से हुई। उन्होंने जनपदवासियों से शांति व सद्भाव की अपील करते हुए सरकार से उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।