गुप्तकाशी। केदारघाटी के रक्षक व 14 गांवों के कुल देवता के रुप में पूजनीय यक्षराज जाख देवता आज दहकते अंगारों पर नृत्य कर अपने भक्तों को आशीर्वाद देंगे। इस भव्य अनुष्ठान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मंदिर परिसर में बैसाख माह की संक्रांति पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके उपरांत यहां पर अग्नि कुंड में चिन्हित करीब 100 कुंतल लकड़ी में प्रवेश कराया गया। ये लकड़ियां पूरे 24 घंटे जलती रहेंगी। इस मौके पर रात्रिभर मंदिर में जागरण होता है, जिसमें नारायणकोटी, देवशाल और कोठेडा के ग्रामीण शामिल होते हैं। ये सभी लोग जाख देवता के दहकते अंगारों में नृत्य के लिए अंगारे तैयार करते हैं। इसके बाद रविवार, को लकड़ी से बने दहकते अंगारों में भगवान यक्षराज जाख देवता नृत्य करेंगे। इस मौके पर केदारघाटी सहित जनपद और अन्य क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचते हैं। जाख देवता को क्षेत्र का रक्षक मानते हैं।