रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में 250 मीटर लंबे मंदिर मार्ग के चौड़ीकरण और दोनों तरफ निकास नाली निर्माण के लिए तीर्थ पुरोहितों के 12 भवनों को ध्वस्त किया जाएगा, जिसमें तीन भवन निम की ओर से नव निर्मित भी हैं। प्रशासन के अनुसार सभी भवन स्वामियों ने अपनी सहमति दे दी है, जिसके तहत 4 के साथ अनुबंध भी हो चुका है, जबकि 8 भवन स्वामियों ने सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।
केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण के तहत सरस्वती व मंदाकिनी नदी के संगम से मंदिर तक 250 मीटर पैदल मार्ग को 50 फीट चौड़ा कर दोनों तरफ निकास नाली बनाई जा रही है। कार्यदायी संस्था डीडीएमए (लोनिवि) की ओर से मार्ग के नीचे की तरफ के भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है। तीन दिन से मजदूर कार्य में जुटे हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के तीनों भवनों के आगे का हिस्सा ध्वस्त किया जाएगा, जिसकी बाद में मरम्मत कर दी जाएगी। दूसरे चरण में होने वाले कार्यों के अंतर्गत अन्य भवनों को भी ध्वस्त किया जा सकता है। पैदल मार्ग और चबूतरा पर पहाड़ी शैली के पत्थर बिछाए जाने हैं। मार्ग को कपाट खुलने से पूर्व तैयार किया जाना है। डीएम ने बताया कि केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में 428 मजदूर कार्य कर रहे हैं, जिसमें नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के 70, सिंचाई विभाग के 48 और डीडीएम (लोनिवि) के सर्वाधिक 310 मजदूर कार्य कर रहे हैं।