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पांजणा गांव के 14 परिवारों का प्राथमिकता के आधार पर होगा विस्थापन

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ आपदा के बाद जिले में विस्थापन के लिए चयनित 23 गांवों के 472 परिवारों में प्राथमिकता के तौर पर विकासखंड जखोली के भूस्खलन से प्रभावित ग्राम पंचायत पांजणा के 14 परिवारों को विस्थापित किया जाएगा। परिवारों के चयन के लिए प्रशासन द्वारा तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
एक दशक से विस्थापन की बाट जोह रहे पांजगा के ग्रामीणों की मांग पूरी होने वाली है। 148 परिवारों वाले गांव का विस्थापन किया जाना है। प्रशासन द्वारा पूर्व में सर्वे भी किया जा चुका है। अब, डीएम मंगेश घिल्डियाल द्वारा गांव के सर्वेक्षण के लिए एडीएम तीरथ पाल सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में ऊखीमठ और जखोली के एसडीएम शामिल हैं। प्राथमिकता के तौर पर पहले गांव के उन 14 परिवारों का चयन किया जाएगा जिनके घर सबसे अधिक खतरे की जद में हैं। इसके बाद शासन के निर्देशानुसार अन्य परिवारों का भी जल्द विस्थापन किया जाएगा। टीम जल्द गांव का स्थलीय निरीक्षण कर वहां के हालातों का जायजा लेगी। वर्तमान हालातों के आधार पर ही परिवारों का चयन किया जाएगा।
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ग्राम प्रधान त्रिलोक सिंह रौतेला ने बताया कि गांव का जितना जल्दी विस्थापन होगा, उतना सही है। भूस्खलन व भू-धंसाव से दिनोंदिन स्थिति बिगड़ रही है। वर्ष 2007, 2009 और 2013 में हुई अतिवृष्टि से प्रभावित पांजणा गांव भूस्खलन व भू-धंसाव का दंश झेल रहा है। गांव के अधिकांश घर, आंगन, गौशाला और कृषि भूमि पर दरारें पड़ गई हैं। पैदल मार्ग भी खतरनाक बने हुए हैं। भूधंसाव बढ़ने से प्रतिवर्ष प्रभावित लोग घरों को छोड़ रहे हैं।

जिले में विस्थापन सूची में शामिल गांव/तोक
पांजणा, जैली, मूसाढूंग (सुनाई तोक), कालीमठ, कुणजेठी, जागतल्ला, बलसुण्डी, बीरोंदेवल खालीतोक, सेमी तल्ली दैड़ा, सिल्लाबमणगांव, चमराड़ा, गिरिया, कविल्ठा, ऊखीमठ, नागजई (जाख तोक), टेमरियावल्ला, दिलमी, टाटलग्गा फेगू, डमार, मलाऊं, कुंडा दानकोट (धोकाणी तोक) और छांतीखाल।
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इनका कहना है -
पांजणा गांव के 14 परिवारों के चयन के लिए एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो गांव का सर्वे कर विस्थापित परिवारों की सूची तैयार करेगी। शासन द्वारा विस्थापन के लिए अति संवेदनशील गांवों के बारे में जो जानकारी मांगी गई थी, उसके तहत सेमी-भैंसारी व पांजणा गांव का प्रस्ताव भेजा गया है। -मंगेश घिल्डियाल, डीएम रुद्रप्रयाग
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