पशुपालन विभाग की टीम ने गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर सघन चेकिंग करते हुए 190 बीमार घोड़े-खच्चरों को रोक लिया। इस दौरान पशुपालकों को कड़ी हिदायत भी दी गई। साथ ही 24 घोड़ा-खच्चर संचालकों का चालान किया गया।
शुक्रवार को डा. राजीव कुमार गोयल, डा. दीपमणि गुप्ता और डा. अमित सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकीय दल ने गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच अलग-अलग स्थानों पर चेकिंग की। इस दौरान केदारनाथ जाने वाले 190 घोड़ा-खच्चर शारीरिक रूप से फीट नहीं पाए गए। सभी जानवरों को उपचार के लिए गौरीकुंड भेज दिया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आशीष रावत ने बताया कि बिना 24 संचालकों के पास लाइसेंस और पहचानपत्र नहीं मिला। इस पर इन सभी का चालान किया गया। केदारनाथ यात्रा में अभी तक 110 घोड़ा-खच्चरों की मौत हो चुकी है। जबकि विभाग 1950 जानवरों का इलाज करा चुका है।