अगस्त्यमुनि। अगस्त्यमुनि विकासखंड के सिल्ला गांव के आराध्य देवता भगवान साणेश्वर महाराज अपनी दिवारा यात्रा के दौरान मंगलवार को अपने भाई अगस्त्यमुनि से मिलने अगस्त्यमुनि पहुंचे। भगवान साणेश्वर महाराज ने अपने भक्तों को दर्शन दिए। लोगों ने महाराज से मनौतियां मांगी।
बीते 14 दिसंबर से शुरू हुए साणेश्वर महाराज की दिवारा यात्रा बड़मा पट्टी के विभिन्न गांवों का भ्रमण करने के बाद दिवारा यात्रा सोमवार को रात्रि प्रवास के लिए अगस्त्य ऋषि के मंदिर में पहुंची। मंगलवार को सुबह पंडित माहेश्वर पुरोहित, मेदनीधर, प्रियधर, राजेंद्र पुरोहित, त्रिलोचन और गौरव ने सकलीकरण और पंच पूजाएं संपन्न कराई। इसके बाद सुबह दस बजे महाराज साणेश्वर महाराज ने ढोल-दमाऊं की थाप पर अद्भुत नृत्य किया। इस दौरान दूर-दराज के गांवों से अगस्त्यमुनि महाराज के मंदिर में पहुंचे भक्तों ने भगवान साणेश्वर महाराज को पूजा सामग्री भेंट की। साणेश्वर महाराज ने अपने भाई अगस्त्यमुनि से आज्ञा लेकर अगस्त्यमुनि बाजार में भ्रमण कर अपने भक्तों की कुशलक्षेम पूछी। इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड के बावजूद अटूट श्रद्धा रखने वाले भक्तगण नंगे पांव दिवारा यात्रा में शामिल हो रहे हैं। यात्रा समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह रावत और मेदनीधर पुरोहित ने बताया कि साणेश्वर महाराज की दिवारा यात्रा अगस्त्युनि, बनियाड़ी, बेडूबगड़, सौड़ी, रुमसी, भौंसाल, डोभा, चौंड, भट्टगांव होते हुए बावई गांव पहुंचेगी। इस मौके पर विष्णु दत्त बेंजवाल, नरेंद्र रावत, राजेंद्र पंवार, दर्शन सिंह रावत, अनंद बुडेरा, सूरज, अंकित पुरोहित, हरि सिंह, मनवर सिंह, दलीप सिंह, सूर्य प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
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एपी मलासी/विक्रम
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