रुद्रप्रयाग। आज ही के दिन बीते वर्ष 14 अप्रैल को उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने पर्यटन एवं बैसाखी मेला बणाधीताल में डिग्री कालेज जखोली और डिग्री कालेज रुद्रप्रयाग में बीएससी कक्षाओं के संचालन व रिक्त पदों पर पूर्ति सहित जनपद में को-ऑपरेटिव बैंक व दुग्ध संघ गठन की घोषणा की थी। उन्होंने सौ दिन के भीतर इसे पूरे की बात कही थी, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है और आज फिर यहां उच्च शिक्षा मंत्री डा. रावत मेला समापन पर बतौर मुख्य अतिथि यहां पहुंच रहे हैं।
एक दशक बाद भी डिग्री कालेज जखोली और रुद्रप्रयाग को वह मुकाम नहीं मिल पाया है। इन दोनों संस्थानों में बीएससी की मान्यता नहीं है, जिस कारण यहां के बच्चों को अगस्त्यमुनि, श्रीनगर या देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। यहीं नहीं, रुद्रप्रयाग डिग्री कालेज को तो अपना कैंपस तक भी नसीब नहीं है। यहां कालेज का संचालन जीजीआईसी के पुराने जर्जर कमरों में हो रहा है। वहीं 20 वर्ष बाद भी जनपदवासियों का अपना को-ऑपरेटिव बैंक नहीं मिल पाया है। चमोली व टिहरी जिला को-ऑपरेटिव बैंक के सहारे वित्तीय गतिविधियां हो रही हैं। दूसरी तरफ जनपद में दुग्ध संघ का भी गठन नहीं हो पाया है, जिस कारण दुग्ध पालन रोजगार का जरिया नहीं बन पाया है। छात्रसंघ जखोली व रुद्रप्रयाग का कहना है कि बीते एक वर्ष से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। बीएससी कक्षाओं का संचालन नहीं होने से स्थानीय जरूरतमंद बच्चों को या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है, या फिर बीए की पढ़ाई करनी पड़ रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा कहना है कि जनपद में उच्च शिक्षा को सुधारने के नाम पर सिर्फ कोरे आश्वासन मिल रहे हैं। प्रदेश सरकार ने युवा पीढ़ी को गुमराह करने का काम किया है।
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को-ऑपरेटिव बैंक गठन को लेकर सरकार के स्तर से सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। रिजर्व बैंक से लाइसेंस मिलने के बाद जिले का अपना को-ऑपरेटिव बैंक शुरू हो जाएगा, इसमें कम से कम चार माह का समय और लगेगा। दुग्ध संघ के गठन को लेकर जनपद के गांवों में समितियों का गठन किया जा रहा है। साथ ही जखोली डिग्री कालेज में साइंस कक्षाओं का संचालन इसी सत्र से हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- भरत सिंह चौधरी, विधायक रुद्रप्रयाग