गुप्तकाशी। केदारघाटी के ग्राम पंचायत देवर गांव में पांडव नृत्य के 23वें दिन पांडव पश्वाओं ने विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी के दर्शन कर गंगा-यमुना की जलधाराओं में स्नान किया।
सात वर्ष बाद 16 नवंबर से शुरू हुए पांडव नृत्य के तहत पारंपरिक वाद्य यंत्रों और विशेष पूजा-अर्चना के साथ पांडव पश्वा गुप्तकाशी पहुंचे। यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित कुंड में स्नान के बाद काशी विश्वनाथ में भगवान आशुतोष के दर्शन किए। इस मौके पर मंदिर परिसर में पांडव नृत्य भी हुआ। पांडव नृत्य समिति के संरक्षक नरेंद्र सिंह चौहान व अध्यक्ष गंगा सिंह ने बताया कि गांव में सात वर्ष बाद हो रहे धार्मिक अनुष्ठान में प्रवासी व ध्याणियां शामिल हो रही हैं। बताया कि पांडव नृत्य के तहत 18 को कमलव्यूह, 19 गैंडा कौथिग, 20 ऐरावत हाथी कौथिग, 21 को दुर्योधन वध होगा। 22 दिसंबर को पांडवों के केदार यात्रा प्रस्थान के एक माह तक आयोजित पांडव नृत्य संपन्न हो जाएगा। संयोजक दयाल सिंह व सचिव प्रदीप सिंह ने अधिकाधिक लोगों से शामिल होने की अपील की है।