रुद्रप्रयाग। बाबा केदार की यात्रा में इस बार केदारनाथ धाम में एक रात में करीब 7000 श्रद्धालु ठहर पाएंगे, जबकि गत वर्ष धाम में महज 3000 यात्रियों के ठहरने की ही व्यवस्था था। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं।
डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि केदारनाथ धाम में इस वर्ष बीते वर्ष की अपेक्षा पहले दिन से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। आपदा से प्रभावित तीर्थ पुरोहितों के लिए बनाए गए 43 भवनों में 40 को यात्रा को लेकर प्राथमिकता से तैयार किया जा रहा है। यहां से एक-एक कक्ष में 20-20 यात्रियों को ठहराया जाएगा। साथ ही एमआई-26 हेलीपैड के एक किनारे पर गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा भी 250 टेंट की एक कालोनी स्थापित की जाएगी, जिसमें एक रात में 2500 यात्री ठहर सकेंगे। साथ ही यहां डारमेट्री में भी 100 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। वीवीआईपी व वीआईपी के लिए हट्स हैं, जिसमें लगभग दो सौ लोग ठहर सकते हैं। इस बार केदारनाथ धाम में प्राइवेट टेंट भी लगाए जाएंगे। प्रशासन द्वारा 100 लोगों को टेंट लगाने के लिए अनुमति दी जा चुकी है। इन लोगों द्वारा प्रशासन द्वारा जारी जरूरी नियम-निर्देशों के तहत पंजीकरण शुल्क जमा करना अनिवार्य है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भी यात्रियों के ठहरने के लिए भीमबली और लिनचोली में टेंट लगाए जाएंगे। प्रशासन द्वारा सभी को यात्रा से पूर्व इंतजाम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।