रुद्रप्रयाग। आशा कार्यकर्ता यूनियन की बैठक में लंबित मांगों के निराकरण के लिए अग्रिम रणनीति पर चर्चा की गई। साथ ही सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि मांगों के लिए सीटू के बैनर तले लड़ाई लड़ी जाएगी।
यूनियन की जिलाध्यक्ष ललिता देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर आशा कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि लंबे समय से आशा कार्यकर्ताओं, आशा फैसिलेटर और आशा ब्लाक कोआर्डिनेटर को न्यूनतम मानदेय की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सीटू के जिला महामंत्री वीरेंद्र गोस्वमी ने कहा कि उत्तराखंड की सरकारों द्वारा बीते 13 वर्षों से आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय निश्चित नहीं किया गया है, जो खेदजनक है। इस मौके पर गजपाल सिंह बुटोला, रचना भट्ट, सुशीला सेमवाल, भरोसी देवी, गीता देवी, पार्वती पुरोहित, अंजू वशिष्ठ, संगीता देवी, परमेश्वरी देवी, पुष्पा देवी, रीना देवी, कुसुम देवी सहित अन्य मौजूद थे।